लखनऊ, 19 फरवरी 2026। यमुना एक्सप्रेस-वे (Yamuna Expressway) औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को रफ्तार देने के लिए ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में ‘जापान सिटी’ और ‘सिंगापुर सिटी’ के विकास का खाका तैयार कर लिया है। प्राधिकरण ने 18 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश शासन के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त को इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव भेज दिया है।
सीईओ आरके सिंह ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों वैश्विक शहरों के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है और अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी पूरी है। यह कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रस्तावित विदेश यात्रा और राज्य में विदेशी निवेश को आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सेक्टर-5ए और सेक्टर-7 में होगा भूमि आवंटन
प्राधिकरण द्वारा शासन को भेजी गई सूचना के मुताबिक, जापानी निवेशकों के लिए सेक्टर-5ए में 500 एकड़ जमीन प्रस्तावित की गई है। इसी तर्ज पर सिंगापुर की कंपनियों और वहां की शहरी संस्कृति को ध्यान में रखते हुए सेक्टर-7 में भी 500 एकड़ का क्षेत्र चिन्हित किया गया है। इन दोनों सेक्टरों को मास्टर प्लान के तहत मल्टीपर्पज औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्राधिकरण का लक्ष्य इन क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करना है ताकि विदेशी कंपनियां यहां अपनी इकाइयां स्थापित करने के साथ-साथ अपने कर्मचारियों के लिए विश्वस्तरीय आवासीय सुविधाएं भी पा सकें।
निवेश और विकास का नया मॉडल
इन प्रस्तावित शहरों की सबसे बड़ी विशेषता इनका मिश्रित भू-उपयोग (Mixed Land Use) चार्ट है। योजना के अनुसार, कुल आवंटित भूमि का न्यूनतम 70 प्रतिशत हिस्सा केवल औद्योगिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित होगा। इसके अतिरिक्त, 12 प्रतिशत हिस्सा आवासीय, 13 प्रतिशत वाणिज्यिक और 5 प्रतिशत संस्थागत सुविधाओं के लिए निर्धारित किया गया है।
सीईओ आरके सिंह ने बताया कि इन परियोजनाओं को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड पर विकसित किया जाएगा, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा सुनिश्चित हो सकेगी। इन शहरों के बसने से गौतम बुद्ध नगर जिले में रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।










