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रानीखेत विधायक के भाई की मौत मामले में बड़ा मोड़, 53 दिन बाद 4 लोगों पर FIR दर्ज

रानीखेत से भाजपा विधायक प्रमोद नैनवाल ने अपने भाई सतीश नैनवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के 53 दिन बाद चार स्थानीय लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। विधायक का आरोप है कि आरोपियों ने सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट डालकर उनके भाई का मानसिक उत्पीड़न किया, जो अंततः उनकी मृत्यु का कारण बना।

रानीखेत विधायक के भाई की मौत मामले में बड़ा मोड़, 53 दिन बाद 4 लोगों पर FIR दर्ज

HIGHLIGHTS

  • मृतक सतीश नैनवाल भिकियासैंण के पूर्व ब्लॉक प्रमुख थे और उनकी मौत 10 फरवरी को एम्स में हुई थी।
  • विधायक ने सुरेंद्र सिंह रावत, महेंद्र सिंह रावत समेत चार लोगों पर साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है।
  • पुलिस ने तहरीर के आधार पर बीएनएस की धारा 131 (3) और 352 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

भतरौंजखान, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। रानीखेत से भारतीय जनता पार्टी के विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल के भाई और भिकियासैंण के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सतीश नैनवाल की मौत के मामले में अब पुलिसिया कार्रवाई शुरू हो गई है। विधायक ने अपने भाई के निधन के करीब पौने दो महीने बाद चार नामजद व्यक्तियों के खिलाफ तहरीर देकर सनसनी फैला दी है।

अल्मोड़ा जिले के भतरौंजखान थाने में दी गई इस शिकायत में विधायक ने स्पष्ट किया है कि उनके भाई सतीश नैनवाल का 10 फरवरी को ऋषिकेश एम्स (AIIMS) में इलाज के दौरान निधन हो गया था। हालांकि, अब इस मौत को सामान्य मानने के बजाय इसे एक गहरी साजिश और मानसिक उत्पीड़न का परिणाम बताया जा रहा है।

विधायक प्रमोद नैनवाल का आरोप है कि उनके भाई के निधन से ठीक चार दिन पहले, यानी 6 फरवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ आपत्तिजनक पोस्ट साझा की गई थीं। तहरीर के अनुसार, इन पोस्ट्स की भाषा और उनका छिपा हुआ उद्देश्य बेहद खतरनाक था, जिसका सीधा मकसद सतीश नैनवाल की सामाजिक छवि को धूमिल करना और उन पर भारी मानसिक दबाव बनाना था।

शिकायत में कहा गया है कि इस सुनियोजित सोशल मीडिया ट्रायल के तुरंत बाद सतीश नैनवाल की तबीयत बिगड़ी और अत्यंत संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई। विधायक ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में चार स्थानीय निवासियों—सुरेंद्र सिंह रावत, महेंद्र सिंह रावत, अनुज जोशी और वीर सिंह को सीधे तौर पर नामजद किया है।

विधायक डॉ. नैनवाल ने अंदेशा जताया है कि इन आरोपियों की गतिविधियों और उनके द्वारा रचे गए षड्यंत्र के कारण ही उनके भाई को अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आईटी एक्ट (IT Act) के कड़े प्रावधानों के तहत इन आरोपियों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग उठाई है।

भतरौंजखान थाना प्रभारी (SO) अवनीश कुमार ने पुष्टि की है कि विधायक की तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 131 (3) और 352 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस अब उन विवादित सोशल मीडिया पोस्ट्स के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाल रही है, जिन्हें विधायक ने मौत की वजह बताया है।

गौरतलब है कि सतीश नैनवाल का भिकियासैंण क्षेत्र में अच्छा राजनीतिक प्रभाव था, और उनकी अचानक हुई मौत ने पहले ही कई सवाल खड़े किए थे। अब कानूनी लड़ाई शुरू होने के बाद क्षेत्र में सियासी सरगर्मी भी तेज हो गई है, हालांकि इस मामले पर विधायक प्रमोद नैनवाल से दोबारा संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से फिलहाल कोई नया बयान सामने नहीं आया है।


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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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