देहरादून। देहरादून के DM Savin Bansal ने आज जिला चिकित्सालय कोरोनेशन का विस्तृत निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानी। इस दौरान Dehradun District Hospital Inspection के मुख्य एजेंडे में मरीजों को मिल रही सुविधाओं की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे में सुधार शामिल रहा। जिलाधिकारी ने अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए मौके पर ही कई सुधारात्मक निर्णय लिए और संबंधित अधिकारियों को जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
पैथोलॉजी का समय बढ़ा और लैब पर कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सेन्ट्रल पैथोलॉजी लैब के बाहर मरीजों की भारी भीड़ देखकर तत्काल प्रभाव से सैंपल लेने का समय 1 घंटा बढ़ा दिया है। अब मरीज सुबह 11 बजे के बजाय 12 बजे तक अपने सैंपल जमा करा सकेंगे ताकि किसी भी व्यक्ति को बिना जांच के वापस न जाना पड़े। वहीं, अस्पताल में अनुबंधित चंदन लैब द्वारा 24 घंटे सेवा न दिए जाने की शिकायतों पर डीएम ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने लैब की पिछले 3 महीनों की दिन-रात की रिपोर्ट तलब की है और कार्य संतोषजनक न पाए जाने पर लैब का आधा भुगतान रोकने के निर्देश एसडीएम सदर और सीएमओ को दिए हैं।

बुनियादी ढांचे के लिए 10 लाख की तत्काल स्वीकृति
अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान ही 10 लाख रुपये के बजट को मंजूरी दे दी। इस धनराशि का उपयोग किचन, गायनी ओटी, वेयरहाउस और ओपीडी खंड की तत्काल मरम्मत के लिए किया जाएगा। डीएम ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को सुधारने के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी, लेकिन कार्यों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
ब्लड बैंक और गायनी रेफरल पर सख्त निर्देश
निर्माणाधीन ब्लड बैंक का जायजा लेते हुए जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को 15 मार्च 2026 तक हर हाल में काम पूरा करने की डेडलाइन दी है। जिला प्रशासन ने इस ब्लड बैंक के लिए स्टाफ और उपकरणों की व्यवस्था जिला स्तर पर ही सुनिश्चित कर दी है। इसके अलावा, गायनी चिकित्सक की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर किए जाने की शिकायतों पर डीएम ने एसडीएम और सीएमओ से संयुक्त जांच रिपोर्ट मांगी है।
बाल वार्ड में मोबाइल मुक्त वातावरण और पार्किंग सुविधा
बाल चिकित्सा वार्ड के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों के हाथ में मोबाइल देख अभिभावकों से उन्हें स्क्रीन से दूर रखने की अपील की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि बच्चों को रचनात्मकता से जोड़ने के लिए वार्ड में लाइब्रेरी के साथ-साथ ड्राइंग और कलर किट उपलब्ध कराई जाए। इसके अतिरिक्त, डीएम ने अस्पताल में संचालित 100 प्रतिशत क्षमता वाली ऑटोमेटेड मैकेनिकल पार्किंग और हिलांस कैंटीन की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया, जिससे तीमारदारों को काफी राहत मिल रही है।










