e-Zero FIR : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने उत्तराखंड में कानून व्यवस्था और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए e-Zero FIR पोर्टल का उद्घाटन किया। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173 के तहत संचालित यह प्रणाली 1 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय साइबर ठगी के मामलों में कारगर होगी।
अब 1930 हेल्पलाइन और National Cyber Crime Reporting Portal पर आने वाली शिकायतें देहरादून स्थित राज्य साइबर पुलिस स्टेशन में e-Zero FIR के रूप में दर्ज होंगी। इसके बाद इन शिकायतों को CCTNS के माध्यम से संबंधित थानों को तत्काल भेजा जाएगा।
साइबर ठगी पर ‘गोल्डन ऑवर’ में होगी कार्रवाई
e-Zero FIR सिस्टम का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधियों द्वारा ठगी गई राशि को ‘गोल्डन ऑवर’ में फ्रीज करना है। पुलिस इस व्यवस्था के माध्यम से त्वरित साक्ष्य संकलन शुरू कर सकेगी और संदिग्ध बैंक खातों को समय रहते ब्लॉक कर पाएगी। इससे पीड़ितों के धन की रिकवरी की संभावना पहले के मुकाबले काफी बढ़ जाएगी। राज्य सरकार का यह कदम डिजिटल अपराधों की रोकथाम के लिए एक बड़ा प्रशासनिक सुधार माना जा रहा है।
162 शरणार्थियों को मिली भारतीय नागरिकता
कार्यक्रम के दौरान गृहमंत्री ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए 162 शरणार्थियों को नागरिकता प्रमाण पत्र प्रदान किए। इसमें बलूचिस्तान के हिंगलाज माता मंदिर के पुजारी परिवार से जुड़े शैलेश (Shailesh), भट्टाग्राम से आए जसपाल कुमार (Jaspal Kumar), कराची से आईं दुर्गानाथ टी. राजपूत (Durganath T. Rajput) और हंसेरी बाई (Hanseri Bai) शामिल रहीं। नागरिकता मिलने के बाद इन परिवारों ने केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

पुलिस भर्ती और ‘विकल्प रहित संकल्प’ का विमोचन
उत्तराखंड पुलिस में नव नियुक्त आरक्षियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इनमें अमन सिंह (Aman Singh), आकाश (Akash), अभय चौहान (Abhay Chauhan), अर्जुन नाथ गोस्वामी (Arjun Nath Goswami) और योगेश नाथ (Yogesh Nath) ने मंच पर गृहमंत्री से पत्र प्राप्त किए।
इसके अतिरिक्त, गिरजा शंकर जोशी (Girija Shankar Joshi) द्वारा लिखित पुस्तक ‘विकल्प रहित संकल्प’ का विमोचन हुआ। यह पुस्तक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रमुख भाषणों और निर्णयों का संग्रह है।












