देहरादून, 13 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में दो हजार नर्सिंग अधिकारियों की वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। राजधानी के सर्वे चौक पर पिछले 50 घंटों से पानी की टंकी पर डटी महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने मंगलवार को अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया।
मौके पर मौजूद साथियों ने किसी तरह उन्हें रोका, लेकिन इस घटना के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। सुरक्षा की दृष्टि से कई थानों की फोर्स को सर्वे चौक पर तैनात कर दिया गया है।
नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले बेरोजगार अभ्यर्थी पिछले 159 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अनशन के दौरान अब तक 12 युवाओं की तबीयत बिगड़ चुकी है, जिनमें से चार को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। सोमवार सुबह पांच बजे ज्योति रौतेला के साथ नर्सिंग बेरोजगार विनोद, आनंद पाल, कविता पुंडीर और धर्मेंद्र टंकी पर चढ़ गए थे, जो समाचार लिखे जाने तक नीचे नहीं उतरे हैं।
वार्ता बेनतीजा: आश्वासन पर नहीं बना भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजी हेल्थ डॉ. सुनीता टम्टा और सीडीओ अभिनव शाह ने प्रदर्शनकारियों और कांग्रेस नेताओं से लंबी वार्ता की। ज्योति रौतेला से फोन पर भी संपर्क साधा गया। डीजी हेल्थ ने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य विभाग वर्षवार भर्ती का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज रहा है। हालांकि, नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर और प्रदर्शनकारियों ने इस आश्वासन को अपर्याप्त बताते हुए ठुकरा दिया। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक ठोस सरकारी आदेश (GO) जारी नहीं होता, वे टंकी से नीचे नहीं उतरेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री का नई नियमावली का ऐलान
एक ओर जहां सड़कों पर प्रदर्शन जारी है, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के अवसर पर दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने घोषणा की कि राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जल्द ही नई सेवा नियमावली तैयार की जाएगी। मंत्री ने नर्सिंग स्टाफ के लिए हॉस्टल निर्माण का भी भरोसा दिलाया।
मंत्री उनियाल ने नर्सिंग पेशे को “मदरली केयर” का प्रतीक बताते हुए कहा कि संवाद शैली और व्यवहार में सुधार कर सरकारी अस्पतालों को कॉर्पोरेट से बेहतर बनाया जा सकता है। हालांकि, इस कार्यक्रम के दौरान एक रोचक स्थिति तब देखने को मिली जब चिकित्सा शिक्षा नर्सिंग सेवा संघ के एक गुट ने मंत्री के मुख्य कार्यक्रम से किनारा कर अलग से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया, जो चर्चा का केंद्र बना रहा।










