home ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम मनोरंजन बिजनेस ऑटो गैजेट्स खेल हेल्थ लाइफस्टाइल धर्म राशिफल लव राशिफल अंक राशिफल पंचांग करियर ट्रेंडिंग वीडियो

उत्तराखंड की बेटियों के लिए खुशखबरी, प्रदेश के सभी स्कूलों में 31 मार्च तक बनेंगे सुरक्षित शौचालय

उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के 141 प्राथमिक विद्यालयों में बालिकाओं के लिए सुरक्षित शौचालय बनाने हेतु ₹5.34 करोड़ की राशि जारी कर दी है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को 31 मार्च तक निर्माण कार्य पूरा करने की अंतिम समयसीमा (डेडलाइन) दी है।

उत्तराखंड की बेटियों के लिए खुशखबरी, प्रदेश के सभी स्कूलों में 31 मार्च तक बनेंगे सुरक्षित शौचालय

HIGHLIGHTS

  • टिहरी जिले के सर्वाधिक 53 स्कूलों समेत प्रदेश के 11 जिलों में होगा निर्माण।
  • बंद पड़े 1640 पुराने शौचालयों को भी इसी महीने के अंत तक दोबारा शुरू करने के निर्देश।
  • तय समय पर काम पूरा न होने की स्थिति में संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी की तय होगी जवाबदेही।

देहरादून। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में धामी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उत्तराखंड विद्यालय शौचालय निर्माण (Uttarakhand School Toilet Construction) परियोजना के तहत प्रदेश के 141 प्राथमिक विद्यालयों के लिए ₹5.34 करोड़ की भारी-भरकम राशि आवंटित की है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य उन बालिका विद्यालयों में शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराना है जो अब तक इस बुनियादी जरूरत से वंचित थे।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सचिवालय में समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि प्रदेश की बेटियों को पढ़ाई के दौरान किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। बजट का वितरण जिलेवार कर दिया गया है ताकि स्थानीय स्तर पर टेंडर प्रक्रिया और निर्माण में देरी न हो।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, टिहरी जिला इस सूची में सबसे ऊपर है जहां 53 विद्यालयों में नए शौचालयों का निर्माण होगा। इसके अलावा नैनीताल के 25, देहरादून के 16 और उत्तरकाशी के 10 स्कूलों सहित कुल 11 जिलों को इस योजना के दायरे में लिया गया है। बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी जिलों में भी निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा करने को कहा गया है।

1640 बंद पड़े शौचालयों पर भी कड़ा एक्शन

नई सुविधाओं के निर्माण के साथ-साथ सरकार ने पुरानी व्यवस्था को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया है। यू-डायस (U-DISE) की ताजा रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि राज्य के विभिन्न प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में 1640 शौचालय वर्तमान में निष्क्रिय या बंद पड़े हैं। इनमें से 1560 शौचालय केवल प्राथमिक स्कूलों में हैं जो रखरखाव के अभाव में उपयोग के लायक नहीं रह गए थे।

शिक्षा मंत्री ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिया है कि आगामी 31 मार्च तक इन सभी बंद पड़े शौचालयों की मरम्मत कराकर इन्हें चालू किया जाए। मंत्री ने साफ कर दिया है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर छात्र-छात्राओं को यह सुविधाएं नहीं मिलीं, तो संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) सीधे तौर पर जिम्मेदार माने जाएंगे और उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बुनियादी ढांचे के लिए सरकार की प्रतिबद्धता

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी सरकारी स्कूल फर्नीचर, पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं से विहीन न रहे। डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि सुरक्षित शौचालय न केवल स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य हैं, बल्कि यह छात्राओं के स्कूल छोड़ने (ड्रॉपआउट) की दर को कम करने में भी सहायक सिद्ध होंगे। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि कार्य समाप्ति के तुरंत बाद इसकी प्रगति रिपोर्ट निदेशालय को सौंपी जाए।


देश और दुनिया की ताज़ा ख़बरों (Latest Hindi News) के लिए जुड़े रहें Doon Horizon के साथ। राजनीति (Politics), खेल, मनोरंजन, टेक्नोलॉजी और एजुकेशन से जुड़े हर लाइव अपडेट (Live Updates) और ब्रेकिंग न्यूज़ (Breaking News in Hindi) सबसे पहले पाएं। पढ़िए आपके काम की हर बड़ी खबर, सिर्फ एक क्लिक पर।


Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment