Haridwar News : सिडकुल की फैक्ट्रियों में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेजों की मंडी सजाने वाले शातिर जालसाज को हरिद्वार पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है।
सत्यापन अभियान में खुली पोल
धर्मनगरी में बाहरी व्यक्तियों और किराएदारों के सत्यापन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान सिडकुल पुलिस को यह बड़ी कामयाबी हाथ लगी। थाना प्रभारी नितेश शर्मा की अगुवाई में जब पुलिस टीम रावली महदूद स्थित पिपलेश्वर मंदिर के पास एक मोबाइल रिपेयरिंग शॉप पर पहुंची, तो नजारा चौंकाने वाला था। दुकान की आड़ में मोबाइल ठीक करने के बजाय सरकारी सिस्टम में सेंधमारी का खेल चल रहा था।

एडिटिंग के खेल से बनती थी ‘नकली पहचान’
जांच में सामने आया कि बिजनौर निवासी आरोपी पुनीत कुमार उन बाहरी मजदूरों को निशाना बनाता था, जिन्हें सिडकुल की फैक्ट्रियों में नौकरी चाहिए थी। उत्तराखंड का स्थानीय निवासी बनने या उम्र कम-ज्यादा दिखाने के लिए आरोपी किसी भी पुराने आधार कार्ड में फोटोशॉप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए हेरफेर कर देता था।
इस जालसाजी के बदले वह भोले-भले मजदूरों से मोटी रकम ऐंठ रहा था। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में कूट रचित दस्तावेज और हाईटेक मशीनें जब्त की हैं।

नेटवर्क की कुंडली खंगाल रही पुलिस
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साफ किया है कि यह केवल एक दुकान का मामला नहीं हो सकता। पुलिस अब उन लोगों की भी तलाश कर रही है जिन्होंने पुनीत की मदद से फर्जी कागजात बनवाकर विभिन्न कंपनियों में नौकरियां हासिल की हैं। सिडकुल थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश कर दिया है।







