home ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम मनोरंजन बिजनेस ऑटो गैजेट्स खेल हेल्थ लाइफस्टाइल धर्म राशिफल लव राशिफल अंक राशिफल पंचांग करियर ट्रेंडिंग वीडियो

Haridwar News : 25 फीट गहरे गड्ढे में 10 घंटे तक चला रेस्क्यू, नहीं बच सकी मनोहर की जान

हरिद्वार के श्यामपुर क्षेत्र में हैंडपंप के लिए गड्ढा खोदते समय मिट्टी धंसने से 50 वर्षीय अनुभवी ठेकेदार मनोहर सिंह की मलबे में दबकर मौत हो गई। करीब 10 घंटे चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

Haridwar News : 25 फीट गहरे गड्ढे में 10 घंटे तक चला रेस्क्यू, नहीं बच सकी मनोहर की जान

HIGHLIGHTS

  • 25 फीट गहरे गड्ढे में 'नोचल' लगाने उतरे मनोहर सिंह मिट्टी गिरने से दब गए थे।
  • पोकलैंड मशीनों से समानांतर खुदाई के दौरान 13 बार मिट्टी की ढांग गिरने से रेस्क्यू में बाधा आई।
  • मृतक पिछले 30 वर्षों से हैंडपंप मैकेनिक के रूप में क्षेत्र में हजारों नल लगा चुके थे।

हरिद्वार, 25 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। हरिद्वार के श्यामपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में 50 वर्षीय अनुभवी हैंडपंप मैकेनिक मनोहर सिंह की जान चली गई। हैंडपंप लगाने के लिए खोदे गए करीब 25 फीट गहरे गड्ढे में उतरे मनोहर अचानक मिट्टी धंसने के कारण मलबे के नीचे दब गए। प्रशासन और बचाव दल ने करीब 10 घंटे तक गहन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

13 बार गिरी मिट्टी, रेस्क्यू में आई भारी बाधा

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। शुरुआती दौर में जेसीबी मशीन से खुदाई शुरू की गई, लेकिन मिट्टी बार-बार धंस रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पोकलैंड मशीनें बुलाई गईं और फंसे हुए व्यक्ति तक पहुंचने के लिए समानांतर गड्ढा खोदने का काम शुरू हुआ। बचाव कार्य के दौरान करीब 13 बार मिट्टी की ढांग ऊपर से नीचे गिरी, जिससे ऑपरेशन में काफी देरी हुई। रात भर चली मशक्कत के बाद जब मनोहर को बाहर निकाला गया, तो उन्हें तत्काल मेला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

30 साल का अनुभव और हजारों घरों में लगाए नल

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, मनोहर सिंह अपने क्षेत्र के बेहद कुशल और अनुभवी मैकेनिक थे। पिछले 30 वर्षों में उन्होंने हजारों घरों में हैंडपंप लगाने का काम किया था। वह अक्सर जोखिम भरे और गहरे गड्ढों में उतरकर काम करने के लिए जाने जाते थे। परिजनों ने बताया कि मनोहर खुद काम का ठेका भी लेते थे, लेकिन इस बार किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मनोहर अपने पीछे पत्नी कुसुम, 17 वर्षीय बेटी और 10 वर्षीय बेटे को छोड़ गए हैं। वह परिवार के एकमात्र मुख्य कमाऊ सदस्य थे। उनकी पत्नी चंडी देवी रोपवे में काम कर घर के खर्च में हाथ बंटाती हैं। हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्रशासनिक जांच के आदेश

श्यामपुर थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने जानकारी दी कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम जितेंद्र कुमार ने घटना की पूरी जांच कराने की बात कही है। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।


देश और दुनिया की ताज़ा ख़बरों (Latest Hindi News) के लिए जुड़े रहें Doon Horizon के साथ। राजनीति (Politics), खेल, मनोरंजन, टेक्नोलॉजी और एजुकेशन से जुड़े हर लाइव अपडेट (Live Updates) और ब्रेकिंग न्यूज़ (Breaking News in Hindi) सबसे पहले पाएं। पढ़िए आपके काम की हर बड़ी खबर, सिर्फ एक क्लिक पर।


Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment