Tehri Lake Festival : उत्तराखंड सरकार ने टिहरी लेक फेस्टिवल (Tehri Lake Festival) को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है। वर्ष 2021 में COVID-19 महामारी के कारण इस आयोजन पर ब्रेक लग गया था, जिसके बाद अब 4 साल का गतिरोध समाप्त हो गया है। इस बार का महोत्सव पिछले आयोजनों की तुलना में अधिक विस्तृत होगा। प्रशासन ने इस साल आयोजन की रूपरेखा में बड़ा बदलाव करते हुए मेजबानी का दायरा बढ़ा दिया है। अब यह उत्सव केवल टिहरी झील तक सीमित नहीं रहेगा।
पूरे जिले को मेजबान बनाने की नई रणनीति
राज्य सरकार ने बड़े आयोजनों को एक ही स्थान पर केंद्रित करने की परंपरा को बदलते हुए इसे विकेंद्रीकृत किया है। इस बार टिहरी (Tehri) शहर के साथ-साथ नरेंद्रनगर (Narendra Nagar), घनसाली (Ghansali), प्रतापनगर (Pratapnagar), धनोल्टी (Dhanaulti) और देवप्रयाग (Devprayag) भी महोत्सव की मेजबानी करेंगे।
यह पहली बार है जब इन क्षेत्रों को आधिकारिक तौर पर लेक फेस्टिवल के मुख्य कार्यक्रमों से जोड़ा गया है। सरकार का उद्देश्य इन सभी क्षेत्रों को पर्यटन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक्सपोजर दिलाना है।
ट्रैकिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा विस्तार
महोत्सव के तहत नए शामिल किए गए स्थलों पर विभिन्न गतिविधियों का खाका तैयार किया गया है। धनोल्टी और प्रतापनगर जैसे क्षेत्रों में ट्रैकिंग (Trekking) के विशेष इवेंट आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही देवप्रयाग और नरेंद्रनगर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय कला को बढ़ावा दिया जाएगा।

पूर्व में संपन्न हुए National Games की तर्ज पर ही इस महोत्सव को भी अलग-अलग केंद्रों पर बांटकर आयोजित किया जा रहा है ताकि पूरे जिले में पर्यटन गतिविधियों में तेजी आए।
पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान की तैयारी
टिहरी की DM नितिका खंडेलवाल (Nitika Khandelwal) के अनुसार, जिले के कई क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं जो अब तक मुख्य मानचित्र पर नहीं आ पाई थीं। लेक फेस्टिवल के माध्यम से इन स्थलों की सहभागिता बढ़ाने से सार्थक परिणाम मिलने की उम्मीद है।
सरकार टिहरी झील में पहले से मौजूद सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ अन्य ब्लॉक मुख्यालयों पर भी बुनियादी ढांचा मजबूत कर रही है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ पहुंचने की संभावना है।












