home ताज़ा समाचार देशविदेश क्राइम मनोरंजन बिजनेसऑटो गैजेट्सखेल हेल्थलाइफस्टाइल धर्मराशिफल लव राशिफल अंक राशिफल पंचांग करियरट्रेंडिंग वीडियो

UGC New Rules Protest : UGC के प्रस्तावित ड्राफ्ट रेगुलेशन के खिलाफ उतरा ब्राह्मण समाज, गृहमंत्री को भेजा ज्ञापन

उत्तराखंड ब्राह्मण समाज महासंघ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा प्रस्तावित नए ड्राफ्ट रेगुलेशन का कड़ा विरोध किया है। शनिवार को देहरादून में महासंघ के प्रतिनिधियों ने गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार सदर को सौंपा। महासंघ का आरोप है कि प्रस्तावित नियम उच्च शिक्षा में भेदभाव और सामाजिक असंतुलन पैदा करने वाले हैं। उन्होंने इसे 'काला कानून' करार देते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है ताकि सवर्ण छात्रों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जा सके।

UGC New Rules Protest : UGC के प्रस्तावित ड्राफ्ट रेगुलेशन के खिलाफ उतरा ब्राह्मण समाज, गृहमंत्री को भेजा ज्ञापन

HIGHLIGHTS

  • उत्तराखंड ब्राह्मण समाज महासंघ ने यूजीसी के प्रस्तावित ड्राफ्ट रेगुलेशन को एकपक्षीय और भेदभावपूर्ण बताया।
  • देहरादून के नायब तहसीलदार सुरेश सेमवाल के माध्यम से गृहमंत्री अमित शाह को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
  • महासंघ ने निर्णय समितियों में बहुवर्गीय और समावेशी प्रतिनिधित्व की कमी पर सवाल उठाए हैं।

UGC New Rules Protest : उत्तराखंड ब्राह्मण समाज महासंघ (Uttarakhand Brahman Samaj Mahasangh) ने शनिवार, 7 मार्च 2026 को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के प्रस्तावित ड्राफ्ट रेगुलेशन के विरोध में प्रदर्शन किया। महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून में नायब तहसीलदार सदर सुरेश सेमवाल (Suresh Semwal) से मुलाकात की।

इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) को संबोधित एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया। जिला प्रशासन के प्रतिनिधि ने आश्वस्त किया कि यह मांग पत्र शीघ्र ही केंद्र सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा।

उच्च शिक्षा में भेदभाव का आरोप

महासंघ के अध्यक्ष पंडित रामप्रसाद गौतम (Ramprasad Gautam) ने प्रस्तावित नियमों की आलोचना करते हुए इन्हें देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए हानिकारक बताया। उन्होंने कहा कि UGC द्वारा तैयार किया गया वर्तमान ड्राफ्ट रेगुलेशन गहरा सामाजिक असंतुलन पैदा करने वाला है।

महासंघ के अनुसार, ये नियम अपने वर्तमान स्वरूप में पूरी तरह से एकपक्षीय हैं। देश के सामाजिक ताने-बाने को सुरक्षित रखने के लिए इस प्रस्तावित कानून को वापस लेना आवश्यक है।

संवैधानिक अधिकारों पर संकट

महासचिव डॉ. वी.डी. शर्मा (V.D. Sharma) ने कहा कि भारत का संविधान समानता और सामाजिक न्याय की नींव पर टिका है। उन्होंने तर्क दिया कि शिक्षा संबंधी किसी भी निर्णय समिति का स्वरूप संतुलित और समावेशी होना चाहिए। महासंघ का आरोप है कि इस प्रस्तावित नियम में एक ही वर्ग विशेष का वर्चस्व है, जो सवर्ण छात्रों के अधिकारों और विश्वास को प्रभावित करता है।

इस अवसर पर पंडित सिद्ध नाथ उपाध्याय (Siddh Nath Upadhyay) और पंडित रामप्रसाद उपाध्याय (Ramprasad Upadhyay) सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।


देश और दुनिया की ताज़ा ख़बरों (Latest Hindi News) के लिए जुड़े रहें Doon Horizon के साथ। राजनीति (Politics), खेल, मनोरंजन, टेक्नोलॉजी और एजुकेशन से जुड़े हर लाइव अपडेट (Live Updates) और ब्रेकिंग न्यूज़ (Breaking News in Hindi) सबसे पहले पाएं। पढ़िए आपके काम की हर बड़ी खबर, सिर्फ एक क्लिक पर।


Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment