सिनेमा के पर्दे पर अपनी मासूमियत से जादू चलाने वाली श्रीदेवी ने महज 13 साल की उम्र में वो कर दिखाया था, जिसकी कल्पना आज की अभिनेत्रियाँ सोच भी नहीं सकतीं।
चाइल्ड आर्टिस्ट से सुपरस्टार तक का सफर
दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी का नाम आते ही ‘मिस्टर इंडिया’ और ‘चालबाज’ जैसी फिल्मों की याद ताजा हो जाती है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका असली नाम श्री अम्मा यंगर अय्यप्पन था। उन्होंने महज 4 साल की उम्र में कैमरा फेस करना शुरू कर दिया था।
उस दौर में जब चाइल्ड आर्टिस्ट के पास सीमित विकल्प होते थे, श्रीदेवी ने अपनी प्रतिभा के दम पर साउथ इंडस्ट्री में अपनी धाक जमा ली थी। उन्होंने तमिल, तेलुगु और मलयालम सिनेमा में अपनी जड़ें इतनी मजबूत कीं कि शिक्षा और अभिनय की गाड़ी साथ-साथ चलती रही।
जब रजनीकांत की ‘सौतेली मां’ बनीं श्रीदेवी
साल 1976 में आई फिल्म ‘Moondru Mudichu’ ने फिल्मी गलियारों में खलबली मचा दी थी। इस फिल्म में एक ऐसा प्रयोग हुआ जिसने अभिनय की परिभाषा बदल दी। फिल्म में श्रीदेवी की उम्र महज 13 साल थी, लेकिन उन्होंने पर्दे पर खुद से उम्र में बड़े रजनीकांत की सौतेली मां का किरदार निभाया।

आज भले ही दुनिया रजनीकांत को ‘थलाइवा’ के नाम से पूजती है, लेकिन उस वक्त श्रीदेवी ने अपनी शिद्दत से इस चुनौतीपूर्ण रोल में जान फूंक दी थी। उनकी इस दिलेरी पर पूरी इंडस्ट्री ने मुहर लगाई और उनकी एक्टिंग का लोहा माना।
अधूरा रहा सफर, पर अमर रही यादें
श्रीदेवी ने अपनी कला से साबित कर दिया था कि उम्र केवल एक संख्या है। छोटी सी उम्र में जटिल भूमिकाएं निभाने की उनकी क्षमता ने ही उन्हें बॉलीवुड की पहली महिला सुपरस्टार बनाया। 2018 में उनके निधन की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया था, लेकिन रजनीकांत की मां बनने वाला यह अनसुना किस्सा आज भी दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि आखिर एक 13 साल की बच्ची ने इतना भारी-भरकम किरदार कैसे निभाया होगा।










