देहरादून, 16 मई (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के रुड़की में हलाला कुप्रथा (Halala case Uttarakhand) के खिलाफ राज्य का पहला कानूनी मामला दर्ज किया गया है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस कदम का पुरजोर समर्थन करते हुए इसे अल्पसंख्यक समाज की महिलाओं के हितों को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़े बदलाव की शुरुआत माना है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने इस कानूनी कार्रवाई का स्वागत किया है। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे ऐसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाली पीड़ित महिलाओं का मनोबल बढ़ाएं। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष को भी इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर साथ खड़े होने की सलाह दी है।
पीड़ित महिला के साहस की सराहना

पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में महेंद्र भट्ट ने कहा कि मुस्लिम समाज का एक बड़ा हिस्सा तीन तलाक और हलाला जैसी प्रथाओं से प्रभावित रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक के खिलाफ सख्त कानून बनाने और उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए आगे आ रही हैं।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि तीन तलाक के मामलों में तो कानूनी प्रक्रियाएं चल रही थीं, लेकिन हलाला के खिलाफ खुलकर सामने आने का साहस पहले नहीं देखा गया। रुड़की में मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला का यह कदम सराहनीय है और यह अन्य पीड़ित महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
प्रशासनिक और दलीय समर्थन की अपील
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने साफ किया कि संगठन और सरकार दोनों ही स्तरों पर ऐसी पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने और उनके साहस को बनाए रखने के लिए हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज की आधी आबादी को न्याय और अधिकार दिए बिना समग्र विकास की कल्पना अधूरी है।
बयान के अंत में महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के नेताओं से आग्रह किया कि वे मातृ शक्ति के हितों को ध्यान में रखते हुए इस सामाजिक बदलाव का हिस्सा बनें और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ऐसी कुप्रथाओं के खिलाफ एकजुट हों।









