देहरादून, 16 मई (दून हॉराइज़न)। विकासनगर के सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में वेतन वृद्धि और ओवरटाइम भुगतान को लेकर चल रहा श्रमिकों का आंदोलन शुक्रवार को हिंसक रूप में बदल गया। दून-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने फैक्ट्री परिसरों के बाहर जमकर हंगामा किया और नियंत्रण करने पहुंची पुलिस टीम पर पथराव कर दिया।
इस हमले में कई पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं, जिसके बाद स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग और लाठीचार्ज करना पड़ा। घटना के बाद से पूरे औद्योगिक क्षेत्र में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
हाईवे पर जाम और फैक्ट्री परिसरों में नारेबाजी

कार्य बहिष्कार कर सड़क पर उतरे सैकड़ों कर्मचारियों के कारण दून-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर-तख्तियां लेकर विभिन्न कंपनियों के गेट पर पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
श्रमिकों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में मौजूदा वेतन में गुजारा करना संभव नहीं है। लंबे समय से ओवरटाइम के रुके हुए भुगतान और बुनियादी श्रमिक सुविधाओं की मांग की जा रही है, लेकिन प्रबंधन इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
समझौते के बाद भी उपद्रव का आरोप
इस पूरे विवाद पर पुलिस प्रशासन का रुख अलग है। एसपी देहात पंकज गैरोला ने बताया कि इस हिंसक प्रदर्शन से ठीक एक दिन पहले लेबर कमिश्नर, फैक्ट्री प्रबंधन और प्रदर्शनकारी मजदूरों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी। इस बैठक में श्रमिकों की मांगों को लेकर आपसी सहमति बन चुकी थी। इसके बावजूद शुक्रवार को मजदूर अचानक दोबारा फैक्ट्रियों पर पहुंचे और बिना किसी अतिरिक्त कारण के हड़ताल करते हुए पथराव शुरू कर दिया।
“लेबर कमिश्नर और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच एक दिन पहले ही सहमति बन गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने अनावश्यक रूप से हड़ताल कर पथराव किया। घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।”
— पंकज गैरोला, एसपी देहात
प्रशासनिक कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
पथराव के बाद पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में सेलाकुई क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों और पथराव करने वाले उपद्रवियों की पहचान के लिए पुलिस अब ड्रोन कैमरों की मदद ले रही है। चिन्हित आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।











