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डाइट सही होने पर भी बढ़ रहा है बेली और हिप फैट? जिम्मेदार हो सकता है क्रॉनिक स्ट्रेस

40 की उम्र के बाद महिलाओं में लोअर बॉडी फैट बढ़ने का एक बड़ा कारण क्रॉनिक स्ट्रेस हो सकता है। तनाव के कारण शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो सीधे हिप्स, जांघों और पेट के निचले हिस्से पर फैट जमा करने का काम करते हैं।

Published On: July 29, 2026 11:45 AM
Weight Gain In Women

Weight Gain In Women : अगर आप 40 की उम्र के करीब हैं और आपको लग रहा है कि आपके शरीर का शेप धीरे-धीरे बदल रहा है, तो इस पर ध्यान देना जरूरी है।

कई बार अच्छी डाइट और ठीक-ठाक लाइफस्टाइल के बावजूद पेट के निचले हिस्से, हिप्स और जांघों पर फैट जमा होने लगता है। शरीर धीरे-धीरे पियर शेप (नाशपाती के आकार) में बदलने लगता है।

अक्सर महिलाएं इसके लिए अपनी डाइट या उम्र को दोष देती हैं। लेकिन इसका एक बहुत बड़ा कारण ‘क्रॉनिक स्ट्रेस’ यानी लगातार रहने वाला तनाव हो सकता है। आइए समझते हैं कि आखिर तनाव किस तरह महिलाओं के शरीर को फैट स्टोरेज मोड में डाल देता है।

कॉर्टिसोल हार्मोन का बढ़ना

जब आप ज्यादा तनाव लेती हैं, तो शरीर में कॉर्टिसोल नाम के हार्मोन का निर्माण तेजी से होने लगता है। यह हार्मोन शरीर के फैट को हिप्स और जांघों के आसपास जमा करना शुरू कर देता है।

यही वजह है कि स्ट्रेस में रहने वाली महिलाओं का निचला हिस्सा ज्यादा भारी होने लगता है और इसे कम करना काफी मुश्किल हो जाता है।

हार्मोनल बैलेंस बिगड़ना

तनाव का सीधा असर महिलाओं के हार्मोन्स पर पड़ता है। स्ट्रेस की वजह से शरीर में प्रोजेस्टेरॉन का स्तर गिरने लगता है और एस्ट्रोजन ज्यादा एक्टिव हो जाता है। एस्ट्रोजन का यह बढ़ा हुआ स्तर न सिर्फ मूड स्विंग्स और एंग्जायटी बढ़ाता है, बल्कि लोअर बॉडी पर तेजी से फैट भी स्टोर करता है।

थायराइड और धीमा मेटाबॉलिज्म

लगातार रहने वाले तनाव से मेटाबॉलिज्म काफी स्लो हो जाता है। इसका सीधा असर आपके थायराइड फंक्शन पर पड़ता है। जब मेटाबॉलिज्म धीमा होता है, तो शरीर कैलोरी बर्न करने के बजाय उसे पेट के निचले हिस्से और जांघों के आसपास फैट के रूप में जमा करने लगता है।

नींद की कमी से मसल्स का नुकसान

स्ट्रेस आपकी नींद का सबसे बड़ा दुश्मन है। जब हाई कॉर्टिसोल के कारण नींद पूरी नहीं होती, तो शरीर के ग्रोथ हार्मोन्स डिस्टर्ब हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में शरीर की ऊर्जा मसल्स के बजाय फैट सेल्स में जाने लगती है। इससे फैट सेल्स तो बढ़ती हैं, लेकिन एनर्जी न मिलने के कारण मसल्स कमजोर होने लगती हैं।

बचाव के लिए क्या करें?

अगर आप इस बदलाव से बचना चाहती हैं, तो सबसे पहले अपने स्ट्रेस लेवल को मैनेज करना शुरू करें। रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद लें। अपनी दिनचर्या में मेडिटेशन, योग या हल्की वॉक को शामिल करें। तनाव कम होते ही आपके हार्मोन्स बैलेंस होने लगेंगे और शरीर का जिद्दी फैट भी कम होने लगेगा।

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Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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