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DM Savin Bansal की बड़ी पहल, चारदीवारी से बाहर निकलीं नारी निकेतन की संवासिनियां, सिटी पार्क में लिया पिकनिक का आनंद

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 26 Feb 2026 08:29 PM IST

देहरादून के सिटी पार्क में आज एक अलग ही रौनक देखने को मिली, जब नारी निकेतन की संवासिनियां चारदीवारी से बाहर निकलकर प्रकृति के बीच पहुंचीं। जिलाधिकारी सविन बंसल की इस मानवीय पहल ने इन महिलाओं के चेहरों पर न केवल मुस्कान लौटाई, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ाव का अहसास भी कराया।

DM Savin Bansal की बड़ी पहल, चारदीवारी से बाहर निकलीं नारी निकेतन की संवासिनियां, सिटी पार्क में लिया पिकनिक का आनंद

मुख्य बातें

  1. जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर नारी निकेतन की महिलाओं को सिटी पार्क का भ्रमण कराया गया।
  2. संवासिनियों ने पार्क में डांस और मनोरंजन गतिविधियों के साथ दोपहर का भोजन भी खुले आसमान के नीचे किया।
  3. इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार और सकारात्मक पुनर्वास सुनिश्चित करना है।
  4. भ्रमण के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट और अधीक्षिका सोनल राणा सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।

DM Savin Bansal : देहरादून के राजकीय महिला कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र (नारी निकेतन) में रहने वाली महिलाओं के लिए आज की सुबह नई उम्मीदें लेकर आई। जिलाधिकारी सविन बंसल के विशेष निर्देशों पर जिला प्रोबेशन कार्यालय ने इन संवासिनियों को शहर के प्रसिद्ध सिटी पार्क की सैर कराई। लंबे समय बाद संस्थान के बंद माहौल से बाहर निकलकर जब ये महिलाएं पार्क की हरियाली और खुले वातावरण में पहुंचीं, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

प्रशासन का यह कदम केवल एक पिकनिक मात्र नहीं है, बल्कि उन महिलाओं के मानसिक और भावनात्मक सशक्तिकरण की ओर बढ़ा एक ठोस प्रयास है जो अक्सर समाज के हाशिए पर रह जाती हैं।

पार्क में गूंजी हंसी और थिरके कदम

सिटी पार्क भ्रमण के दौरान संवासिनियों ने प्रकृति के सौंदर्य का आनंद लेने के साथ-साथ जमकर मनोरंजन भी किया। पार्क के खुले मैदान में महिलाओं ने सामूहिक रूप से डांस किया और कई हल्की-फुल्की खेल गतिविधियों में हिस्सा लिया। प्रशासन की ओर से इन महिलाओं के लिए पार्क में ही विशेष दोपहर के भोजन की व्यवस्था की गई थी।

प्रकृति के बीच बैठकर भोजन करने और आपस में संवाद करने से उनके भीतर एक नया आत्मविश्वास और संतोष देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाहरी दुनिया से इस जुड़ाव ने उनके चेहरों पर सालों पुरानी चमक वापस ला दी है।

पुनर्वास प्रक्रिया में मानसिक स्वास्थ्य की भूमिका

जिला प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि नारी निकेतन जैसी संस्थाओं में रहने वाली महिलाओं का पुनर्वास केवल उनके रहने-खाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस संबंध में कहा कि समाज के संवेदनशील वर्गों के प्रति हमारी जिम्मेदारी उन्हें एक सम्मानजनक और सकारात्मक जीवन देना भी है।

बाहरी दुनिया से यह सकारात्मक संपर्क संवासिनियों में आत्मबल पैदा करता है, जो भविष्य में उनके सामाजिक समायोजन (Social Integration) के लिए बेहद जरूरी है। इस तरह के आयोजनों से उनके मानसिक तनाव में कमी आती है और वे खुद को समाज का हिस्सा महसूस करती हैं।

अधिकारियों ने जाना महिलाओं का हाल

इस भ्रमण के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट और अधीक्षिका सोनल राणा ने संवासिनियों के साथ आत्मीय संवाद किया। अधिकारियों ने उनकी व्यक्तिगत समस्याओं, जरूरतों और सुझावों को सुना। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आने वाले समय में भी ऐसे भ्रमण कार्यक्रम जारी रहेंगे ताकि नारी निकेतन की महिलाओं को सामान्य जीवन की अनुभूति होती रहे।

इस मौके पर मौजूद स्टाफ ने भी स्वीकार किया कि ऐसे कार्यक्रमों से संस्थान के भीतर के माहौल में भी काफी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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