LPG ATM : साइबर सिटी के नाम से मशहूर गुरुग्राम ने तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शहर के सेक्टर-33 स्थित सेंट्रल पार्क फ्लावर वैली में देश का पहला ‘LPG ATM’ यानी ऑटोमैटिक गैस वेंडिंग मशीन (AGVM) स्थापित की गई है।
यह मशीन ठीक उसी तरह काम करती है जैसे बैंक का ATM नकद निकालता है। उपभोक्ता अब गैस एजेंसी के खुलने का इंतजार किए बिना या डिलीवरी बॉय पर निर्भर रहे बिना दिन-रात कभी भी भरा हुआ सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।
इस अत्याधुनिक मशीन का उपयोग करने के लिए ग्राहक को अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है। इसके बाद मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) से वेरिफिकेशन पूरा किया जाता है। भुगतान के लिए मशीन पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर यूपीआई या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है।
पेमेंट सफल होते ही मशीन का शटर खुलता है और भरा हुआ सिलेंडर बाहर आ जाता है। यह पूरी प्रक्रिया 2 से 3 मिनट के भीतर संपन्न हो जाती है। इस सुविधा से उन कामकाजी लोगों को सबसे अधिक राहत मिलेगी जो एजेंसी के समय पर घर पर मौजूद नहीं रह पाते।
मशीन की एक और बड़ी विशेषता इसमें मिलने वाले सिलेंडर हैं। यहां पारंपरिक लोहे के भारी सिलेंडरों के बजाय ‘कंपोजिट सिलेंडर’ दिए जा रहे हैं। इनका वजन लोहे के सिलेंडर (लगभग 30 किलो) के मुकाबले आधा यानी करीब 15 किलो होता है।
ये कंपोजिट सिलेंडर पारदर्शी सामग्री से बने होते हैं, जिससे उपभोक्ता यह देख सकते हैं कि सिलेंडर के अंदर कितनी गैस बची है। इससे गैस चोरी या कम गैस मिलने की शिकायतों पर पूरी तरह लगाम लगेगी। साथ ही, ये सिलेंडर जंग-मुक्त और विस्फोट-रोधी (Explosion Proof) भी होते हैं।
मशीन के स्टॉक मैनेजमेंट को स्मार्ट सेंसर से जोड़ा गया है। जैसे ही वेंडिंग मशीन में सिलेंडरों की संख्या दो तक पहुंचती है, सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से मुख्य गैस एजेंसी को अलर्ट भेज देता है। इससे गैस खत्म होने से पहले ही मशीन को दोबारा रिफिल कर दिया जाता है।
वर्तमान में यह एक पायलट प्रोजेक्ट है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में इस तरह की तकनीक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाएगी। यदि गुरुग्राम का यह प्रयोग सफल रहता है, तो जल्द ही इसे दिल्ली-एनसीआर समेत देश के अन्य महानगरों में भी लागू किया जाएगा।










