पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को एक बेहद जरूरी चेतावनी जारी करते हुए निष्क्रिय खातों को बंद करने का ऐलान किया है। बैंक के मुताबिक, जिन बचत या चालू खातों में पिछले तीन साल से कोई लेन-देन नहीं हुआ है और जिनका बैलेंस शून्य है, उन्हें 15 अप्रैल 2026 तक सक्रिय करना अनिवार्य है।
यदि ग्राहक इस समयसीमा तक जरूरी केवाईसी (KYC) प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं, तो 16 अप्रैल से इन खातों को बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के स्थायी रूप से बंद (Permanent Closure) कर दिया जाएगा।
आरबीआई के संशोधित नियमों के अनुसार, बैंक अब ग्राहकों को किसी भी ब्रांच (नॉन-होम ब्रांच) से केवाईसी अपडेट करने की अनुमति देते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो अपना शहर छोड़ चुके हैं। इसके अलावा, बैंकिंग धोखाधड़ी और निष्क्रिय खातों के दुरुपयोग को रोकने के लिए बैंक वीडियो-केवाईसी (V-CIP) का विकल्प भी दे रहा है।
बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए पीएनबी का यह कदम अहम माना जा रहा है। वर्तमान में पीएनबी का मार्केट कैप लगभग 1.30 लाख करोड़ रुपये है और शेयर बाजार में इसका प्रदर्शन स्थिर बना हुआ है।
बैंक ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं (DBT) और छात्रों के लिए खोले गए खातों को फिलहाल इस अनिवार्य क्लोजर से बाहर रखा जा सकता है, लेकिन सामान्य बचत खातों के लिए ट्रांजैक्शन जरूरी है।
ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे तुरंत अपनी पासबुक चेक करें। खाते को सक्रिय रखने के लिए केवल एक बार छोटी राशि का जमा या निकासी करना पर्याप्त होगा।
इसके अलावा, ग्राहक बैंक के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2222 पर कॉल करके अपने खाते की स्थिति जान सकते हैं। बैंक ने साफ किया है कि एक बार खाता स्थायी रूप से बंद होने के बाद उसे दोबारा शुरू करना एक बेहद जटिल प्रक्रिया होगी।










