EPFO New Rules 2026 : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने भारत में काम करने वाले विदेशी नागरिकों और विदेश जाने वाले भारतीय कर्मचारियों (International Workers) के लिए एक गेम-चेंजर फैसला लिया है. अब इन कर्मचारियों को अपना PF फंड निकालने के लिए भारतीय बैंक खातों पर निर्भर नहीं रहना होगा. संगठन ने 18 मार्च 2026 को एक विशेष सर्कुलर जारी कर सीधे विदेशी बैंक खातों में पैसा भेजने की राह साफ कर दी है.
नए नियमों के तहत, ईपीएफओ ने टैक्स नियमों की जटिलताओं और ऑडिट से जुड़ी बाधाओं को दूर कर दिया है. अब तक Form 15CA और 15CB भरने की प्रक्रिया नियोक्ताओं और कर्मचारियों के लिए सिरदर्द बनी हुई थी, जिसे अब केंद्रीकृत कर दिया गया है. इस कदम से उन हजारों पेशेवरों को लाभ होगा जो असाइनमेंट पूरा होने के बाद अपने देश लौट जाते हैं.
विशेष बात यह है कि भारत ने हाल ही में ब्रिटेन (UK) के साथ भी सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट (2026) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे वहां काम करने वाले भारतीयों को भी अब इस सुव्यवस्थित सिस्टम का सीधा लाभ मिलेगा. वर्तमान में भारत के पास बेल्जियम, जर्मनी, फ्रांस और जापान जैसे लगभग 20 से अधिक देशों के साथ ऐसे समझौते सक्रिय हैं.
दिल्ली (नॉर्थ) स्थित क्षेत्रीय कार्यालय को इस पूरी प्रक्रिया का ‘नोडल सेंटर’ बनाया गया है. यह ऑफिस विशेष रूप से नियुक्त चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) के माध्यम से Form 15CA फाइल करने और Form 15CB प्राप्त करने की जिम्मेदारी संभालेगा. अन्य सभी क्षेत्रीय कार्यालय क्लेम प्रोसेस कर डेटा इस नोडल सेंटर को भेजेंगे, जहां से सीधे विदेशी मुद्रा में भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा.
कर्मचारियों को अपने विदेशी बैंक खाते के सत्यापन के लिए केवल नियोक्ता या SSA अधिकृत संस्था द्वारा प्रमाणित बैंक स्टेटमेंट या पासबुक की प्रति देनी होगी. ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल उन्हीं देशों के नागरिकों को मिलेगी जिनके साथ भारत का द्विपक्षीय समझौता है, अन्य देशों के लिए पुराने नियम ही लागू रहेंगे.









