मुंबई, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। शेयर बाजार से लंबी अवधि में मोटी कमाई करने के लिए केवल पैसा लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि सही फंड का चयन आपके भविष्य की वित्तीय सेहत तय करता है। अगर आप अगले 15 वर्षों के लिए 10,000 से 15,000 रुपये की मासिक एसआईपी (Mutual Fund Investment Tips) शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो पोर्टफोलियो में मल्टीकैप फंड्स को शामिल करना एक स्मार्ट विकल्प हो सकता है।
बाजार विश्लेषक हर्षवर्धन रूंगटा के अनुसार, इस समय निवेशकों के सामने दो प्रमुख और बुनियादी रूप से अलग विकल्प मौजूद हैं—निप्पॉन इंडिया मल्टीकैप फंड और एडलवाइस निफ्टी 500 मल्टीकैप मोमेंटम क्वालिटी 50 इंडेक्स फंड।
निप्पॉन इंडिया मल्टीकैप
निप्पॉन इंडिया मल्टीकैप फंड एक एक्टिवली मैनेज्ड स्कीम है, जहां निवेश का पूरा दारोमदार फंड मैनेजर की विशेषज्ञता पर होता है। सेबी (SEBI) के नियमों के तहत, इस फंड को लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में कम से कम 25-25 प्रतिशत हिस्सा निवेश करना अनिवार्य है।
बाकी बचा 25 प्रतिशत हिस्सा फंड मैनेजर अपनी रिसर्च और बाजार की वर्तमान स्थिति को देखते हुए किसी भी सेगमेंट में आवंटित कर सकता है। यह लचीलापन उन निवेशकों के लिए फायदेमंद है जो फंड हाउस की रिसर्च टीम और अनुभवी मैनेजर के फैसलों पर भरोसा करते हैं।
एडलवाइस इंडेक्स फंड
दूसरी ओर, एडलवाइस का यह फंड एक ‘फैक्टर-बेस्ड’ इंडेक्स फंड है, जो पूरी तरह से नियम-आधारित (Rule-based) रणनीति का पालन करता है। यह फंड निफ्टी 500 इंडेक्स की विशाल कंपनियों में से केवल 50 शेयर्स का चयन करता है। यह चुनाव ‘मोमेंटम’ (शेयर की चाल) और ‘क्वालिटी’ (कंपनी की वित्तीय मजबूती) के कड़े पैमानों पर किया जाता है।
इसमें इंसानी भावनाओं या मैनेजर के पूर्वाग्रह की कोई जगह नहीं होती, बल्कि एक गणितीय मॉडल तय करता है कि पैसा कहां लगेगा।
निवेशकों के लिए जोखिम और रिटर्न का समीकरण
बाजार की ऐतिहासिक तुलना देखें तो मल्टीकैप कैटेगरी ने लंबी अवधि में निफ्टी 50 जैसे लार्ज-कैप इंडेक्स को पछाड़ने की क्षमता दिखाई है। हालांकि, एडलवाइस जैसे फैक्टर फंड्स में वोलैटिलिटी यानी उतार-चढ़ाव काफी अधिक हो सकता है।
जब बाजार में तेजी होती है, तो ‘मोमेंटम’ शेयर्स जबरदस्त रिटर्न देते हैं, लेकिन मंदी के दौर में ये उतनी ही तेजी से नीचे भी आ सकते हैं। तुलनात्मक रूप से, निप्पॉन इंडिया जैसे एक्टिव फंड्स में फंड मैनेजर खराब समय में पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करके गिरावट को संभालने की कोशिश कर सकते हैं।
आपके लिए कौन सा विकल्प है सही?
हर्षवर्धन रूंगटा की स्पष्ट सलाह है कि जो निवेशक ‘फैक्टर इन्वेस्टिंग’ की पेचीदगियों को समझते हैं और बाजार के भारी उतार-चढ़ाव को झेलने की हिम्मत रखते हैं, वही एडलवाइस के इंडेक्स फंड की ओर रुख करें। वहीं, ऐसे आम निवेशक जो अपने निवेश को सरल और सुरक्षित रखना चाहते हैं, उनके लिए निप्पॉन इंडिया मल्टीकैप फंड एक बेहतर चुनाव साबित हो सकता है।
15 साल की अवधि में सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर आपका अनुशासन है; यदि आप बाजार की अस्थिरता के बीच अपनी SIP जारी रखते हैं, तो ही आप चक्रवर्ती ब्याज (Compounding) का वास्तविक लाभ उठा पाएंगे।












