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Income Tax Return : टैक्सपेयर्स के लिए राहत, अब नोटिस आने के बाद भी भर सकेंगे ITR-U

आयकर विभाग ने बजट 2026 के सुधारों के बाद ITR-U (Updated Return) के नियमों को और अधिक लचीला बना दिया है, जिससे टैक्सपेयर्स नोटिस मिलने के बाद भी अपनी गलतियां सुधार सकेंगे। हालांकि, देरी करने पर 25% से 50% तक अतिरिक्त टैक्स का प्रावधान बरकरार है, जिससे समय पर फाइलिंग अनिवार्य हो जाती है।

Income Tax Return : टैक्सपेयर्स के लिए राहत, अब नोटिस आने के बाद भी भर सकेंगे ITR-U

HIGHLIGHTS

  • नोटिस के बाद भी मौका: बजट 2026 के तहत अब री-असेसमेंट नोटिस मिलने पर भी 10% अतिरिक्त शुल्क के साथ ITR-U भरा जा सकता है।
  • लॉस एडजस्टमेंट: 1 मार्च 2026 से टैक्सपेयर्स को अपडेटेड रिटर्न में पुराने घाटे (Loss) को एडजस्ट करने की नई सुविधा दी गई है।
  • पेनल्टी स्ट्रक्चर: 12 महीने के भीतर फाइल करने पर 25% और उसके बाद 50% अतिरिक्त टैक्स देना होगा।

Income Tax Return : आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी यदि आपकी कोई कमाई छिपी रह गई है या गणना में चूक हुई है, तो ‘अपडेटेड आईटीआर’ (ITR-U) आपके लिए सुरक्षा कवच साबित हो सकता है। आयकर अधिनियम की धारा 139(8A) के तहत मिलने वाली यह सुविधा उन टैक्सपेयर्स के लिए अंतिम विकल्प है, जो बिलेटेड और रिवाइज्ड रिटर्न की डेडलाइन (31 दिसंबर) भी चूक चुके हैं।

बजट 2026 में हुए नवीनतम संशोधनों ने ITR-U के दायरे को विस्तार दिया है। अब टैक्सपेयर्स के पास 1 मार्च 2026 से यह अधिकार है कि वे अपने पिछले नुकसान (Loss) को अपडेटेड रिटर्न में एडजस्ट कर सकें, जो पहले मुमकिन नहीं था। इसके अलावा, यदि विभाग ने री-असेसमेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आपको नोटिस प्राप्त हो चुका है, तब भी आप 10% अतिरिक्त लेवी के साथ अपनी जानकारी अपडेट कर विवादों से बच सकते हैं।

इन स्थितियों में ही मान्य होगा अपडेटेड रिटर्न

ITR-U का प्राथमिक उद्देश्य सरकार के खजाने में टैक्स बढ़ाना है, न कि उसे कम करना। यदि आप अपना टैक्स रिफंड बढ़ाना चाहते हैं या अपनी कुल टैक्स देनदारी को कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो पोर्टल आपका आवेदन स्वीकार नहीं करेगा। यह केवल उन मामलों के लिए है जहां आपने आय कम दिखाई हो, गलत टैक्स रेट चुना हो, या ओरिजिनल रिटर्न भरा ही न हो।

डेथलाइन और तकनीकी पेच

असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए ITR-U भरने की अंतिम तिथि वैसे तो 31 मार्च 2030 है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जितनी देरी होगी, ‘कंपाउंडिंग इंटरेस्ट’ का बोझ उतना ही बढ़ता जाएगा। ध्यान रहे कि एक वित्तीय वर्ष के लिए केवल एक बार ही ITR-U फाइल किया जा सकता है। यदि आपके खिलाफ पहले से ही कोई सर्च, जब्ती या सर्वे की कार्रवाई चल रही है, तो आप इस सुविधा का लाभ नहीं ले पाएंगे।


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Rajat Sharma

रजत शर्मा 'दून हॉराइज़न' में लीड बिज़नेस एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड्स, क्रिप्टोकरेंसी और सरकारी आर्थिक नीतियों को कवर करने में उनका लंबा और जमीनी अनुभव है। रजत की सबसे बड़ी खासियत जटिल आर्थिक आंकड़ों और मार्केट ट्रेंड्स को सरल, आम बोलचाल की हिंदी में डिकोड करना है। वे तथ्य-आधारित (Fact-based) और गहराई से रिसर्च की गई स्टोरीज लिखते हैं, ताकि आम निवेशक और व्यापारी सही वित्तीय फैसले ले सकें। रजत की पत्रकारिता हमेशा सत्य, निष्पक्षता और पाठकों के आर्थिक हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ती है।

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