Sahara India Refund : सहारा इंडिया परिवार की सहकारी समितियों में सालों से फंसे करोड़ों निवेशकों के लिए राहत की सबसे बड़ी खबर आई है। केंद्र सरकार ने रिफंड पोर्टल पर दावों की सीमा में भारी बढ़ोतरी करते हुए इसे ₹50,000 से बढ़ाकर सीधा ₹10 लाख कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब सहारा के उन बड़े जमाकर्ताओं को भी पैसा वापस मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिनकी मोटी रकम इन सोसायटियों में अटकी थी। सहकारिता मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भुगतान की पूरी प्रक्रिया आधार-लिंक्ड डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए होगी, जिसमें किसी भी बिचौलिए की भूमिका नहीं रहेगी।
आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2026 तक 40 लाख से अधिक निवेशकों को ₹8,800 करोड़ की राशि लौटाई जा चुकी है। हालांकि, कुल दावों की संख्या 4.06 करोड़ तक पहुंच गई है, जिसकी कुल वैल्यू ₹97,000 करोड़ से अधिक है। कोर्ट ने अब पूरी प्रक्रिया के लिए 31 दिसंबर 2026 तक का समय निर्धारित किया है।
जिन निवेशकों के आवेदन पहले ‘दस्तावेजों की कमी’ या ‘डाटा मिसमैच’ की वजह से खारिज कर दिए गए थे, उनके लिए री-सबमिशन पोर्टल (http://mocrefund.crcs.gov.in/depositor/) पर विशेष लिंक एक्टिव किया गया है। निवेशक अपने लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग कर कमियों (Deficiencies) को सुधार सकते हैं। सुधार के बाद 45 कार्य दिवसों के भीतर पैसा खाते में जमा करने का लक्ष्य रखा गया है।
निवेशकों को सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी, सहारियन यूनिवर्सल, हमारा इंडिया और स्टार्स मल्टीपर्पस सोसाइटी के बॉन्ड पेपर, आधार कार्ड और पैन कार्ड (₹50,000 से ऊपर के दावों के लिए अनिवार्य) तैयार रखने होंगे। सरकार ने आगाह किया है कि किसी भी प्राइवेट ऐप या एजेंट को इस प्रक्रिया के लिए पैसे न दें, क्योंकि यह पूरी तरह निःशुल्क सरकारी सेवा है।









