देहरादून (03 नवंबर) : जेल से जमानत पर बाहर आते ही नशे की लत पूरी करने के लिए जीएमएस रोड की तीन दुकानों के ताले चटकाने वाले 22 वर्षीय शातिर नकबजन को वसंत विहार थाना पुलिस ने महज 24 घंटे के अंदर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी सुमित उर्फ सत्यम उर्फ ‘चीरवा’ आदतन अपराधी है, जिस पर पटेल नगर, नेहरू कॉलोनी और वसंत विहार थाने में चोरी, अवैध हथियार और स्मैक तस्करी (एनडीपीएस) के करीब 9 संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस टीम ने 70 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी को मलिक चौक के पास से उस वक्त दबोच लिया, जब वह चोरी का लैपटॉप, मोबाइल और जेवरात बेचने की फिराक में घूम रहा था।
जमानत पर छूटे नशेड़ी ने दुकानों में लगाई सेंध
पुलिस के मुताबिक 31 अक्टूबर की देर रात जीएमएस रोड स्थित माजरा लक्ष्मी पैलेस होटल के पास अंकित सिंह, शिवालिक पुरम निवासी अंशुल पालीवाल और लख्खीबाग निवासी अश्वनी कुमार की दुकानों के शटर और ताले तोड़कर अज्ञात चोरों ने नकदी, लैपटॉप और आभूषण पार कर दिए थे। 1 नवंबर को पीड़ितों ने वसंत विहार थाने में तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने त्वरित रूप से भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(A) और 331(2) के तहत तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए। एसएसपी देहरादून के सख्त निर्देशों के बाद चौकी प्रभारी इंदिरानगर उपनिरीक्षक सुनील नेगी की अगुवाई में जांच टीम गठित की गई।
सत्तर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से खुला पूरा राज
पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे करीब 70 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांची, जिससे संदिग्ध का हुलिया साफ हुआ। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि हाल ही में जमानत पर छूटा देहराखास निवासी सुमित उर्फ चीरवा संदिग्ध हालात में घूम रहा था। मुखबिर से सटीक सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मलिक चौक के पास घेराबंदी कर 2 नवंबर को सुमित को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने कुबूल किया कि वह भारी नशे का आदी है और नशे की खुराक का इंतजाम करने के लिए उसने जीएमएस रोड पर सिलसिलेवार चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था।
कोर्ट में पेशी के बाद शातिर फिर भेजा गया जेल
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी का एक एसर लैपटॉप, वीवो कंपनी के दो स्मार्टफोन, एक जोड़ी चांदी की पायल, एक चांदी की चेन और 4300 रुपये नकद बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 305(A), 331(2) और माल बरामदगी की धारा 317(2) के तहत कानूनी शिकंजा कसा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आदतन अपराधियों की जमानत निरस्तीकरण और हिस्ट्रीशीट खोलने की दिशा में भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।




