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सीएम धामी ने पूरा किया अपना वादा, हरिद्वार की छात्रा लवप्रीत के घर पहुंचा टैब

हरिद्वार की छात्रा लवप्रीत कौर की निस्वार्थ सोच देख सीएम पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत एक्शन लिया। प्रशासनिक अफसरों ने छात्रा के घर पहुंचकर टैबलेट सौंपा।

Published On: September 23, 2026 10:55 PM
Yuva Vidyarthi Manthan

HIGHLIGHTS

  • हरिद्वार की छात्रा लवप्रीत कौर के घर प्रशासनिक अधिकारियों ने टैबलेट पहुंचाया।
  • छात्रा ने संवाद कार्यक्रम में खुद के बजाय गरीब विद्यार्थियों के लिए संसाधन मांगे थे।
  • सरकारी विद्यालयों के पात्र विद्यार्थियों को डीबीटी (DBT) के जरिए टैबलेट सहायता मिलेगी।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हरिद्वार जिला
  • प्रशासन ने यह त्वरित कार्रवाई की।

दून हॉराइज़न, देहरादून (23 सितंबर) : सार्वजनिक मंचों पर अमूमन लोग अपने व्यक्तिगत अभावों की फेहरिस्त लेकर पहुंचते हैं, लेकिन हरिद्वार की एक स्कूली छात्रा ने जब पूरी महफिल में अपनी जरूरत भूलकर गरीब सहपाठियों की ऑनलाइन पढ़ाई की पैरवी की, तो प्रशासनिक संवेदनशीलता भी हरकत में आ गई।

‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीधी बातचीत करते हुए हरिद्वार निवासी लवप्रीत कौर ने कमजोर तबके के बच्चों के लिए डिजिटल संसाधनों की गुहार लगाई थी। छात्रा की इस निस्वार्थ सोच का असर यह हुआ कि 24 घंटे के भीतर शिक्षा महकमे के अधिकारी खुद टैबलेट का डिब्बा थामे उसके दरवाजे पर दस्तक दे रहे थे।

हरिद्वार के जिला प्रशासन को शासन स्तर से सीधे आदेश जारी हुए थे। इसके बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी के मातहत अधिकारियों की एक टीम लवप्रीत के घर पहुंची और उसे पढ़ाई के लिए ब्रांड न्यू टैबलेट सौंपा। अचानक दरवाजे पर सरकारी गाड़ियों और अफसरों को देखकर छात्रा भौचक्की रह गई। उसे गुमान तक नहीं था कि संवाद सत्र में उठाया गया एक मुद्दा इतनी तेजी से जमीनी हकीकत बन जाएगा। टैबलेट हाथ में लेते ही छात्रा ने सीधे मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि अब ई-लर्निंग और डिजिटल नोट्स जुटाने में कोई अड़चन नहीं आएगी।

सरकारी तंत्र की इस त्वरित कार्यशैली के पीछे एक व्यापक नीति भी आकार ले रही है। प्रदेश सरकार राजकीय विद्यालयों के माध्यमिक स्तर के छात्र-छात्राओं को डिजिटल शिक्षा से सशक्त करने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (Direct Benefit Transfer) प्रणाली का सहारा ले रही है।

इसके तहत पूर्व में तय योजना के मुताबिक कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षार्थियों के खातों में करीब 12 हजार रुपये की राशि सीधे भेजी जाती है, ताकि वे अपनी पसंद और तकनीकी आवश्यकतानुसार उपयुक्त टैबलेट खरीद सकें। यह कवायद दुर्गम पर्वतीय और ग्रामीण अंचलों में पाठ्य सामग्री की ऑनलाइन पहुंच सुलभ कराने के मकसद से शुरू की गई थी।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रकरण पर स्पष्ट किया कि लवप्रीत जैसी बेटियों का नजरिया बताता है कि उत्तराखंड का युवा केवल निजी स्वार्थ तक सीमित नहीं है। राज्य के सुदूर गांवों से लेकर मैदानी कस्बों तक गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा पहुंचाना सरकार का प्राथमिक एजेंडा है, ताकि संसाधनों के अभाव में किसी होनहार का साल बर्बाद न हो।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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