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बृजभूषण शरण सिंह संग विवाद खत्म, बाबा रामदेव बोले – पैर छूकर गए पूर्व सांसद

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Wed, 23 Sep 2026 08:30 PM IST

पतंजलि गाय के घी पर बृजभूषण शरण सिंह के साथ चल रहे विवाद पर बाबा रामदेव ने विराम लगा दिया है। दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने उत्पादों की शुद्धता का दावा किया।

Patanjali Cow Ghee

मुख्य बातें

  • बृजभूषण शरण सिंह संग विवाद पूरी तरह सुलझने का रामदेव ने किया दावा।
  • पूर्व सांसद ने मुलाकात के दौरान पैर छूकर संत परंपरा का सम्मान जताया।
  • पतंजलि गाय के घी (Patanjali Cow Ghee) की गुणवत्ता पर कोई पाबंदी नहीं।
  • जांच के लिए पूर्व सांसद को घी के दो अलग-अलग डिब्बे सौंपे।
  • बहराइच वाले बयान के बाद कंपनी ने भेजा था 50 करोड़ का नोटिस।

दून हॉराइज़न, नई दिल्ली (23 सितंबर) : पतंजलि के उत्पादों और गाय के घी की गुणवत्ता को लेकर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और योगगुरु बाबा रामदेव के बीच छिड़ा विवाद अब शांत होता दिख रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) के दौरान बाबा रामदेव ने साफ किया कि दोनों पक्षों के बीच उपजी गलतफहमियां दूर हो चुकी हैं। पूर्व सांसद ने व्यक्तिगत रूप से उनसे भेंट कर सनातन और संतों के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई है।

तल्खी खत्म होने का संकेत देते हुए रामदेव ने बताया कि उन्होंने खुद पूर्व सांसद को पतंजलि घी के दो पैकेट दिए हैं—एक खुद इस्तेमाल करने के लिए और दूसरा किसी भी मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में स्वतंत्र परीक्षण कराने के लिए।

‘न हमारे उत्पाद नकली हैं, न हमारा जीवन’

प्रेस से बातचीत में योगगुरु ने स्पष्ट लहजे में कहा कि कंपनी के किसी भी उत्पाद पर देश या विदेश में कोई आधिकारिक प्रतिबंध नहीं लगा है। मिलावट के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए उन्होंने कहा कि संगठन की जवाबदेही हमेशा देश की जनता के प्रति रही है। निजी जीवन की शुचिता का जिक्र करते हुए उन्होंने दोहराया कि उनके नाम पर न तो व्यक्तिगत बैंक बैलेंस है और न ही कोई निजी जमीन। ज़मीन पर चटाई बिछाकर सोने की दिनचर्या आज भी कायम है।

असल में, एफएसएसएआई (FSSAI) और केंद्रीय खाद्य संरक्षा मानकों के तहत किसी भी पैकेज्ड खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता तय करने का अधिकार सिर्फ अधिकृत लैब्स के पास होता है, न कि मौखिक दावों के पास।

बहराइच के तीखे बयान से लेकर 50 करोड़ के नोटिस तक की कहानी

इस पूरे विवाद की शुरुआत उत्तर प्रदेश के बहराइच से हुई थी। वहां एक जनसंवाद के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने पतंजलि पर बेहद गंभीर आक्षेप लगाए थे और रामदेव को मिलावट का ‘सम्राट’ तक कह डाला था। पूर्व सांसद ने दावा किया था कि कई मुल्कों में पतंजलि के उत्पादों पर पाबंदियां हैं और सरकार को इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।

इन बयानों पर कानूनी शिकंजा कसते हुए पतंजलि फूड्स लिमिटेड (Patanjali Foods Limited) ने कड़ा रुख अपनाया था। कंपनी ने इसे अपने ब्रांड की साख को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश मानते हुए 50 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस थमा दिया था। लेकिन अब दिल्ली की इस ताजा बैठक के बाद दोनों ओर से बयानबाजी थमने के आसार बन गए हैं।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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