लखनऊ। भारतीय नौसेना की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे एक बड़े नौसेना जासूसी कांड (ISI Honey Trap Case) का पर्दाफाश करते हुए यूपी एटीएस ने आगरा के रहने वाले जवान आदर्श कुमार उर्फ लकी को गिरफ्तार किया है। आरोपी जवान कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में तैनात था और पिछले तीन वर्षों से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के संपर्क में था।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि आदर्श सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ‘आशी’ नाम की एक महिला हैंडलर के जाल में फंसा था। शुरुआत में सामान्य बातचीत और दोस्ती के बाद यह सिलसिला अश्लील वीडियो कॉल और वित्तीय लालच तक पहुंच गया। आरोपी ने अपने शौक पूरे करने के लिए देश की सुरक्षा से समझौता किया और युद्धपोतों की तस्वीरें व उनकी लोकेशन पाकिस्तानी एजेंट को साझा कीं।
दुबई से लौटते ही बिछाया गया जाल
एटीएस पिछले दो साल से आदर्श की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। हाल ही में अपनी शादी के बाद आरोपी जवान हनीमून मनाने दुबई गया था। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा था कि वहां वह किसी विदेशी हैंडलर से मिल सकता है। जैसे ही वह दुबई से वापस लौटा, एटीएस ने उसे दबोच लिया। सोमवार को उसे लखनऊ की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
आईएसआई का ‘डिजिटल हनीट्रैप’ मॉड्यूल
पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई ने भारतीय सैन्य बलों को निशाना बनाने के लिए युवतियों के फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया है। ये हैंडलर्स फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए जवानों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजती हैं। एक बार भरोसा जीतने के बाद, ये एजेंट जवानों को ब्लैकमेल करती हैं या उन्हें मोटी रकम का लालच देकर संवेदनशील डेटा जैसे सैन्य उपकरण, मूवमेंट और बेस की तस्वीरें हासिल करती हैं।
पुराने मामलों से जुड़े तार
यह पहला मामला नहीं है जब यूपी के किसी व्यक्ति को आईएसआई ने जाल में फंसाया हो। इससे पहले फिरोजाबाद की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के चार्जमैन रविंदर को भी ‘नेहा शर्मा’ नाम की आईडी से फंसाकर गगनयान प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारियां मांगी गई थीं। जांच एजेंसियां अब आदर्श के बैंक खातों और डिजिटल फुटप्रिंट्स की गहराई से पड़ताल कर रही हैं ताकि इस रैकेट में शामिल अन्य कड़ियों का पता लगाया जा सके।










