नई दिल्ली। दिल्ली की सड़कों पर हादसों के दौरान घायलों को तुरंत उपचार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर ‘Rah-Veer Yojana’ को जमीन पर उतार दिया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा संचालित इस योजना को दिल्ली सरकार ने प्रभावी ढंग से लागू करने की मंजूरी दी है।
अब राजधानी के व्यस्त चौराहों या सड़कों पर किसी घायल की मदद करने वाले नागरिक को 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि और सम्मान पत्र प्रदान किया जाएगा। यह योजना विशेष रूप से दुर्घटना के पहले एक घंटे यानी ‘गोल्डन ऑवर’ पर केंद्रित है, जिसमें उपचार मिलने से जान बचने की संभावना सबसे अधिक होती है।
मुख्यमंत्री ने दी कानूनी सुरक्षा की गारंटी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने योजना की शुरुआत पर स्पष्ट किया कि अक्सर लोग पुलिसिया कार्रवाई और अदालत के चक्कर काटने के डर से घायलों की मदद नहीं करते। राह-वीर योजना इसी डर को समाप्त करने के लिए बनाई गई है। सरकार चाहती है कि दिल्ली का हर नागरिक बिना किसी झिझक के मानवता दिखाए। विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि घायल को शुरुआती 60 मिनट में ट्रॉमा सेंटर पहुँचा दिया जाए, तो मृत्यु दर में भारी कमी आ सकती है।
योजना के वित्तीय लाभ और पात्रता
इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति, जो किसी गंभीर सड़क हादसे के शिकार व्यक्ति को एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुँचाता है, वह 25,000 रुपये नकद पुरस्कार का पात्र होगा। यदि एक ही घटना में एक व्यक्ति कई घायलों की मदद करता है, तब भी अधिकतम राशि 25,000 रुपये ही तय की गई है। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने पर 10 सर्वश्रेष्ठ मददगारों को 1 लाख रुपये का पुरस्कार भी दिया जाएगा।
गुड सेमेरिटन नियम और कानूनी संरक्षण
मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम की धारा 134A के तहत मददगारों को ‘गुड सेमेरिटन’ का दर्जा प्राप्त है। इसका अर्थ है कि अस्पताल या पुलिस उन्हें उनकी मर्जी के बिना किसी भी पूछताछ या कानूनी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं कर सकती। उन्हें पूरी तरह कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है।
चयन प्रक्रिया और योजना की समय सीमा
लाभार्थियों का चयन जिला स्तर की समिति करेगी, जिसमें जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी शामिल होंगे। चयनित व्यक्ति के बैंक खाते में राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। यह महत्वपूर्ण योजना 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी, जो दिल्ली में सड़क सुरक्षा की नई संस्कृति विकसित करेगी।










