ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ : गणेश जोशी

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Tue, 24 Feb 2026 06:41 PM IST

प्रेमनगर के देवभूमि उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय में 'कृषि कुम्भ-2026' का भव्य समापन। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रगतिशील किसानों को नवाजते हुए हुंकार भरी—"किसान अब केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था के पावरहाउस हैं।" ड्रोन और डिजिटल खेती से बदलेगी उत्तराखंड के पहाड़ों की तकदीर।

किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ : गणेश जोशी

मुख्य बातें

  1. प्रेमनगर स्थित देवभूमि यूनिवर्सिटी में आयोजित मेले का समापन, मंत्री गणेश जोशी ने की शिरकत।
  2. उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों का सम्मान और 'कृषि वानिकी' पर आधारित नई पुस्तक का विमोचन।
  3. मंडुवा, झंगोरा (मिलेट्स) और मशरूम उत्पादन को राज्य की आर्थिक रीढ़ बताया।
  4. छात्रों से 'जॉब सीकर' के बजाय कृषि स्टार्टअप के जरिए 'जॉब क्रिएटर' बनने का आह्वान।

देहरादून। राजधानी के प्रेमनगर स्थित देवभूमि उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के परिसर में आज ‘कृषि कुम्भ-2026’ के समापन पर खेती-किसानी की नई तस्वीर उभरकर सामने आई। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रदर्शनी के हर स्टाल का बारीकी से मुआयना किया और स्पष्ट कर दिया कि अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर ‘स्मार्ट फार्मिंग’ का वक्त आ गया है।

उन्होंने प्रगतिशील किसानों की पीठ थपथपाते हुए ‘कृषि वानिकी’ पुस्तक का विमोचन किया, जो आने वाले समय में हिमालयी कृषि के लिए मार्गदर्शक बनेगी।

अर्थव्यवस्था के असली ‘पिलर’ हैं किसान

मंत्री जोशी ने मंच से सीधा संवाद करते हुए कहा कि भारत की आत्मा गांवों में है, लेकिन उन गांवों की धड़कन हमारे किसान हैं। उन्होंने पुरानी धारणा को तोड़ते हुए कहा कि किसान अब सिर्फ पेट भरने वाला ‘अन्नदाता’ नहीं रह गया है, बल्कि वह पर्यावरण का रक्षक और हमारी संस्कृति का असली संवाहक भी है। जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच उत्तराखंड का किसान अपनी मेहनत और नवाचार से दुनिया को समाधान दे रहा है।

मिलेट्स और मशरूम से बढ़ेगी ‘पहाड़’ की आय

संबोधन के दौरान मंत्री ने जैविक खेती, औषधीय पौधों और ‘श्री अन्न’ (मिलेट्स) जैसे मंडुवा व झंगोरा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि “कृषि कुम्भ” केवल एक प्रदर्शनी मात्र नहीं है, बल्कि यह वैज्ञानिकों, छात्रों और उद्यमियों के अनुभव का वो संगम है जो उत्तराखंड की तकदीर लिखेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा और खेत के बीच की दूरी कम करना ही सरकार की प्राथमिकता है।

ड्रोन और स्टार्टअप्स पर टिकी है भविष्य की मुहर

आधुनिक खेती के आयामों पर चर्चा करते हुए गणेश जोशी ने ड्रोन तकनीक, सटीक खेती (Precise Farming) और स्मार्ट सिंचाई का जिक्र किया। उन्होंने युवाओं को स्टार्टअप और मुद्रा योजना का लाभ उठाकर कृषि को एक मुनाफे वाले बिजनेस के रूप में देखने की सलाह दी। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. अजय कुमार, रितिका मेहरा, अमन बंसल और पूर्व पार्षद मंजीत रावत समेत भारी संख्या में छात्र और किसान मौजूद रहे।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment