देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चम्पावत के ऐतिहासिक श्री वाराही धाम देवीधुरा में मंदिर के नवनिर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से जुड़े धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार देवभूमि को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है।
वाराही धाम सदियों से अपनी अनूठी ‘बग्वाल’ (पाषाण युद्ध) परंपरा और वीरता के लिए विख्यात रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मंदिर का नया स्वरूप न केवल आस्था का केंद्र होगा, बल्कि यह क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि और पर्यटन विकास का नया अध्याय भी लिखेगा।
सरकार कुमाऊं क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों को ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के जरिए एक सूत्र में पिरो रही है। इसी कड़ी में बालेश्वर मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर और मां पूर्णागिरी मंदिर के सौंदर्यीकरण का खाका तैयार किया गया है। चम्पावत में पर्यटन को नई ऊंचाई देने के लिए 179 करोड़ रुपये की लागत से ‘शारदा कॉरिडोर’ और करीब 430 करोड़ रुपये से ‘गोल्ज्यू कॉरिडोर’ के निर्माण पर मुहर लग चुकी है।
सिर्फ धार्मिक ही नहीं, चम्पावत में खेल और बुनियादी ढांचे पर भी बड़ा निवेश हो रहा है। लोहाघाट के छमनिया में 10 करोड़ से सिंथेटिक ट्रैक और 257 करोड़ की भारी-भरकम राशि से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है।









