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12 साल में कितना बदला उत्तराखंड? दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर से लेकर पहाड़ों में रेल तक की पूरी रिपोर्ट

पिछले 12 वर्षों में उत्तराखंड में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हुआ है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन और उड़ान योजना जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स ने पहाड़ी राज्य में आवाजाही की तस्वीर बदल दी है।

12 साल में कितना बदला उत्तराखंड? दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर से लेकर पहाड़ों में रेल तक की पूरी रिपोर्ट

HIGHLIGHTS

  • 12 हजार करोड़ की लागत वाली चारधाम ऑल वेदर रोड का 90 फीसदी काम पूरा।
  • 125 किमी लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का 72 प्रतिशत निर्माण कार्य संपन्न।
  • 'उड़ान' और 'मुख्यमंत्री उड़न खटोला' योजना के तहत 12 नए हेलीपोर्ट चालू।
  • अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश के 11 रेलवे स्टेशनों का हो रहा आधुनिकीकरण।

देहरादून, 9 जून (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में बीते 12 सालों के दौरान यातायात के बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के कई बड़े प्रोजेक्ट्स अब जमीन पर आकार ले चुके हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस पहाड़ी राज्य में सफर पहले से कहीं अधिक तेज और सुगम हो गया है।

ऑल वेदर रोड और नए एक्सप्रेसवे

दिसंबर 2016 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शिलान्यास की गई 12,000 करोड़ रुपये की चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना अपने अंतिम चरण में है। इसका 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जिससे चारों धामों सहित पहाड़ी जिलों के बड़े हिस्से में बारहमासी सुरक्षित आवाजाही संभव हुई है।

इसके साथ ही, 11,963 करोड़ रुपये की लागत से बने 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर ने यात्रा के समय को घटाकर महज ढाई घंटे कर दिया है। वर्तमान में राज्य के भीतर सितारगंज-टनकपुर, भानियावाला-ऋषिकेश और काठगोदाम-लालकुआं-हल्द्वानी बाईपास जैसे अहम हाईवे प्रोजेक्ट्स पर भी निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन और नए सर्वे

रेल नेटवर्क के मामले में उत्तराखंड एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। पहाड़ों का सीना चीरकर बनाई जा रही 125 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का 72 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा किया जा चुका है।

भविष्य के विस्तार को देखते हुए केंद्र सरकार ने टनकपुर-बागेश्वर और डोईवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री तक नई रेल लाइनों के सर्वे को भी मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत प्रदेश के 11 प्रमुख रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।

हवाई सेवाओं का विस्तार

हवाई सफर को आम नागरिक की पहुंच में लाने के लिए प्रदेश के तीन प्रमुख हवाई अड्डों— जौलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ का विस्तार हुआ है। देहरादून एयरपोर्ट से अब अहमदाबाद, बेंगलुरु, मुंबई, जयपुर और कोलकाता जैसे शहरों के लिए नियमित उड़ानें उपलब्ध हैं।

पर्वतीय इलाकों को जोड़ने के लिए केंद्र की ‘उड़ान योजना’ के तहत प्रदेश में 18 हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 से सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। स्थानीय स्तर पर मुख्यमंत्री उड़न खटोला योजना के जरिये देहरादून और हल्द्वानी से दूरस्थ जिलों के लिए हेलीकाप्टर सेवाएं संचालित की जा रही हैं।

कनेक्टिविटी के इस व्यापक विस्तार पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि बीते 12 वर्षों में उत्तराखंड का विकास एक नए मुकाम पर पहुंचा है। अब राज्य के किसी भी हिस्से से कुछ ही घंटों में बड़े शहरों तक पहुंचना आसान हो गया है।

प्रोजेक्ट का नाम बजट/लंबाई वर्तमान स्थिति
चारधाम ऑल वेदर रोड ₹12,000 करोड़ 90% काम पूरा
दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर ₹11,963 करोड़ (210 किमी) सफर ढाई घंटे में सिमटा
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन 125 किलोमीटर 72% निर्माण पूरा
नए हेलीपोर्ट (उड़ान योजना) 18 प्रस्तावित 12 पर सेवाएं शुरू

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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