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Sugar Control Tips : मीठा खाने का शौक कहीं न बढ़ा दे ब्लड शुगर, जानें इसे खाने का सही समय

गलत समय पर मीठा खाने से शरीर में ब्लड शुगर का स्तर तेजी से बढ़ सकता है और वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है। भोजन के बाद सही समय और संतुलित मात्रा में मिठाई का सेवन सेहत को नुकसान से बचा सकता है।

Published On: August 12, 2026 11:04 AM
Sugar Control Tips

Sugar Control Tips : खुशी का कोई भी मौका हो, हमारे यहां मीठे के बिना अधूरा माना जाता है। लेकिन कई बार गलत समय पर मिठाई या मीठी चीजों का सेवन सेहत पर भारी पड़ने लगता है।

सही जानकारी न होने की वजह से लोग समझ नहीं पाते कि अचानक ब्लड शुगर क्यों बढ़ गया या वजन क्यों तेजी से बढ़ रहा है।

आहार विशेषज्ञों के मुताबिक, मीठा कब और किस तरह खाया जा रहा है, इसका सीधा असर हमारे मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है।

अगर सही समय का ध्यान रखा जाए, तो शरीर को नुकसान पहुंचाए बिना भी मीठे का स्वाद लिया जा सकता है।

खाली पेट मीठा क्यों माना जाता है नुकसानदायक?

सुबह उठते ही या लंबे समय तक भूखे रहने के बाद मिठाई, चॉकलेट या मीठे बिस्कुट खाना सही नहीं है। जब पेट खाली होता है, तो उसमें मौजूद सिंपल शुगर तुरंत खून में घुल जाती है।

इससे शरीर में ग्लूकोज का स्तर अचानक बहुत ऊपर चला जाता है। कुछ ही देर बाद जब यह स्तर तेजी से नीचे गिरता है, तो शरीर में थकावट और कमजोरी महसूस होने लगती है। इसके कारण बार-बार मीठा खाने की इच्छा (क्रेविंग) होने लगती है।

भोजन के बाद मीठा खाना क्यों बेहतर है?

अगर आप खाना खाने के बाद थोड़ा सा मीठा खाते हैं, तो शरीर उसे आसानी से संभाल लेता है।

भोजन में मौजूद दाल, सब्जी, रोटी, सलाद का प्रोटीन और फाइबर चीनी के अवशोषण को धीमा कर देता है।

इससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता और पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।

भोजन के बाद मीठा खाने से अचानक भूख लगने की समस्या भी नियंत्रित रहती है।

दिन और रात के समय का अंतर समझें

मीठा खाने के लिए दोपहर का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। दोपहर के भोजन के बाद अगर सीमित मात्रा में मीठा खाया जाए, तो दिनभर की शारीरिक गतिविधियों के कारण उसकी कैलोरी बर्न हो जाती है।

इसके उलट, रात के खाने के बाद मीठा खाने से बचना चाहिए। रात में शरीर आराम की मुद्रा में होता है, जिससे अतिरिक्त शुगर और कैलोरी फैट के रूप में जमा होने लगती हैं। यही आदत आगे चलकर डायबिटीज और मोटापे का कारण बन सकती है।

किन बातों का रखें विशेष ध्यान?

मील रिप्लेस न करें: कभी भी भोजन की जगह केवल केक, पेस्ट्री या कोल्ड ड्रिंक से पेट न भरें। इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते।

मात्रा पर नियंत्रण: मीठा खाते समय हमेशा पोर्शन साइज का ध्यान रखें।

विशेष सावधानी: जिन्हें डायबिटीज, प्री-डायबिटीज या मोटापे की शिकायत है, वे बिना डॉक्टरी सलाह के मीठे का सेवन न करें।

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Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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