ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

Tamaknala Bridge Collapse : उफनती नदी ने मचाई तबाही, 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखी गई एसडीआरएफ और एनडीआरएफ

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Tue, 11 Aug 2026 04:27 PM IST

चमोली के तमकनाला में भारी जलप्रवाह से बेली ब्रिज बहने के बाद ज्योतिर्मठ-मलारी मार्ग पूरी तरह ठप हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घटना की सीधी निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने अधिकारियों को तत्काल वैकल्पिक मार्ग तैयार कर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

Bailey Bridge Washed Away in Tamaknala Chamoli, CM Dhami Orders Ground Zero Visit

मुख्य बातें

  • तमकनाला में 123 बीआरटीएफ का बेली ब्रिज बहा
  • तेज बहाव में एक व्यक्ति और कैंपर वाहन लापता
  • ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह ठप
  • एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात

देहरादून, 11 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।

Tamaknala Bridge Collapse : चमोली जनपद के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में अचानक भारी जलप्रवाह आ गया। पानी के वेग ने 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा बनाए गए बेली ब्रिज को पूरी तरह नष्ट कर दिया। पुल बहने से सीमांत इलाकों का संपर्क मुख्य धारा से कट गया है।

हादसे के वक्त मौके पर मौजूद एक कैंपर वाहन तेज बहाव की चपेट में आ गया। वाहन के साथ एक व्यक्ति के भी पानी में बहने की पुष्टि हुई है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों ने नदी में लापता व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून से इस पूरी घटना की मॉनिटरिंग अपने हाथ में ले ली है। मंगलवार सुबह उन्होंने चमोली के जिलाधिकारी और गढ़वाल मंडल आयुक्त से सीधी बात की। अधिकारियों को राहत-बचाव और कनेक्टिविटी बहाली पर काम तेज करने का टास्क दिया गया है।

पुल टूटने का सबसे बड़ा असर स्थानीय ग्रामीणों पर पड़ा है। आवाजाही ठप होने से राशन और दवाइयों का भारी संकट पैदा होने का खतरा बन गया है। मुख्यमंत्री ने कड़े आदेश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री की आपूर्ति किसी भी कीमत पर बाधित नहीं होनी चाहिए।

प्रशासन को वैकल्पिक रास्तों की तलाश करने का काम सौंपा गया है। खच्चरों या अन्य जमीनी माध्यमों से ग्रामीणों तक तुरंत मदद पहुंचाई जा रही है। उच्चाधिकारियों को दफ्तरों से निकलकर सीधे ग्राउंड जीरो पर पहुंचने के निर्देश मिले हैं। मौके पर जाकर वास्तविक नुकसान का आकलन करना अब प्रशासन की पहली प्राथमिकता बन चुका है।

अगस्त 2026 में उत्तराखंड के भीतर मौसम लगातार खतरनाक करवट ले रहा है। नदियों का जलस्तर कई जगहों पर खतरे के निशान को छू रहा है। सीएम धामी ने निचले इलाकों और नदी-नालों के किनारे बसी आबादी के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। खतरा बढ़ने की स्थिति में लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की पूरी रणनीति तैयार कर ली गई है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) को 24 घंटे एक्टिव मोड पर रखा गया है। चमोली समेत प्रदेश के सभी संवेदनशील आपदाग्रस्त इलाकों की पल-पल की अपडेट ली जा रही है। जिला प्रशासन की टीमें राहत बचाव दलों के साथ लगातार तकनीकी समन्वय बना रही हैं।

ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग सामरिक और नागरिक दोनों दृष्टियों से बेहद अहम है। इस सड़क पर जल्द से जल्द यातायात बहाल करने के लिए हर संभव इंजीनियरिंग विकल्पों पर काम हो रहा है। आपदा प्रबंधन सचिव को साफ किया गया है कि सरकारी मशीनरी के स्तर पर राहत कार्यों में कोई भी लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment