दून हॉराइज़न, देहरादून (20 सितंबर) : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की हालिया टिप्पणी पर उत्तराखंड में सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे देवभूमि की अस्मिता और राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा से खिलवाड़ करार दिया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने तीखे शब्दों में कहा कि जो शख्सियत देश की सुरक्षा खातिर दशकों से अग्रिम मोर्चे पर डटी है, उसे राजनीति के अखाड़े में घसीटना सीधे तौर पर गैर-जिम्मेदाराना आचरण है।
इंदौर के मंच से दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
दरअसल, मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ-साथ कई शीर्ष नीतिगत पदों पर बैठे अधिकारियों को निशाने पर लिया था। इसी दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के कामकाज और भूमिका पर तल्ख टिप्पणी की।
महेंद्र भट्ट ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए साफ किया कि डोभाल किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नहीं, बल्कि भारत सरकार के अधिकृत सुरक्षा और कूटनीतिक तंत्र के शीर्ष रणनीतिकार हैं। विडंबना यह है कि प्रोटोकॉल और पद की सीमाओं के चलते वे सार्वजनिक मंचों पर आकर ऐसे मनगढ़ंत आरोपों का खुद जवाब भी नहीं दे सकते। विपक्ष के नेता द्वारा संवैधानिक मर्यादाओं की इस तरह अनदेखी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उत्तराखंड से डोभाल का गहरा नाता और भाजपा का पलटवार
पौड़ी गढ़वाल के घीड़ी गांव में जन्मे अजीत डोभाल का नाम उत्तराखंड के जनमानस में गहरे स्वाभिमान से जुड़ा है। 1968 बैच के आईपीएस अधिकारी के रूप में उन्होंने मिजोरम से लेकर पाकिस्तान तक कई हैरतअंगेज खुफिया अभियानों को अंजाम दिया। वर्ष 2014 से वे लगातार भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि एक साधारण परिवार से निकलकर अपनी काबिलियत के दम पर इस मुकाम तक पहुंचे व्यक्ति की उपलब्धियां परिवारवादी राजनीति करने वालों से हजम नहीं हो रही हैं।
पहले भी सेना और सैन्य अफसरों पर उठे सवाल
महेंद्र भट्ट ने इतिहास का हवाला देते हुए कांग्रेस को घेरा। उनका आरोप है कि यह पहली बार नहीं है जब देवभूमि के किसी सैन्य नायक को निशाना बनाया गया हो। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले देश के प्रथम सीडीएस स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत के खिलाफ भी कांग्रेस नेताओं ने अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसके अलावा सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगने और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे मामलों में सवाल उठाकर कांग्रेस लगातार सेना का मनोबल गिराती रही है।
पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान द्वारा जारी बयान के अंत में यह साफ चेतावनी दी गई कि उत्तराखंड के सैनिक परिवारों और आम नागरिकों की भावनाएं इस बयान से आहत हुई हैं, और आने वाले विधानसभा चुनावों में राज्य की जनता मतपेटी के जरिए कांग्रेस को इसका माकूल जवाब देगी।









