दून हॉराइज़न, काशीपुर/देहरादून (20 सितम्बर) : राज्य के होनहारों को वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए राजधानी देहरादून में देश की पांचवीं सबसे बड़ी साइंस सिटी (Science City) तैयार की जा रही है। काशीपुर में आयोजित ‘युवा विद्यार्थी संवाद’ में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह साफ कर दिया कि पर्वतीय युवाओं को अब करियर और आधुनिक शिक्षा के लिए मजबूरन महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। संवाद में 17 अलग-अलग विद्यालयों से जुटे करीब 1400 छात्र-छात्राओं ने रोजगार, एआई, खेल और व्यवस्थागत कमियों पर मुख्यमंत्री से सीधे सवाल दागे।
देहरादून में साइंस सिटी और हर जिले में इनोवेशन हब का नेटवर्क
किताबी रटंत प्रणाली से इतर राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून के झाझरा में प्रस्तावित साइंस सिटी राष्ट्रीय स्तर पर पांचवें बड़े केंद्र के तौर पर उभरेगी, जिससे स्कूली बच्चों में स्टेम (STEM Labs) और वैज्ञानिक प्रयोगों की ललक बढ़ेगी। सिर्फ राजधानी ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी तेरह जनपदों में चरणबद्ध तरीके से जिला स्तरीय साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

वर्तमान में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम और वर्चुअल क्लासरूम का जो नेटवर्क खड़ा किया गया है, उसे सीधे इन टेक केंद्रों से लिंक करने की योजना है। मकसद साफ है—पहाड़ के अंतिम छोर पर बैठे छात्र को भी वही तकनीकी एक्सपोजर मिले जो किसी बड़े शहर के कॉन्वेंट स्कूल के छात्र को हासिल होता है।
अग्निवीरों के लिए विशेष सेल और युवा आयोग का जिम्मा
संवाद सत्र के दौरान छात्र शौर्य, दक्ष, प्रभजोत और कात्यायनी समेत कई विद्यार्थियों ने भविष्य की सुरक्षा और रोजगार को लेकर तल्ख सवाल रखे। अग्निवीर योजना के बाद के करियर पर उठे संशय को दूर करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने एक डेडिकेटेड ‘अग्निवीर सेल’ का गठन कर दिया है। यह सेल चार साल की सेवा पूरी कर लौटने वाले सैनिकों को पुलिस, वन आरक्षी, उपनल और अर्द्धसैनिक बलों में प्राथमिकता के साथ समायोजित करने की निगरानी करेगा।
इसके साथ ही, उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद युवाओं को जॉब सीकर (नौकरी खोजने वाला) बनाने के बजाय जॉब क्रिएटर (उद्यमी) बनाने के लिए युवा आयोग को सीधे स्टार्टअप पॉलिसी से जोड़ा जा रहा है। सरकार का दावा है कि आईटी, हर्बल, टूरिज्म और सर्विस सेक्टर में स्थानीय स्तर पर नए वेंचर्स खड़े होने से रोजगार के अभाव में होने वाले पलायन पर काफी हद तक लगाम लगेगी।
भ्रष्टाचार पर 1064 का पहरा और नशे के खिलाफ सामाजिक अपील
जब छात्रों ने पारदर्शी शासन और सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी का मुद्दा उठाया, तो मुख्यमंत्री ने दो-टूक कहा कि व्यवस्था में जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है। यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले अनुचित मांग करता है, तो नागरिक सीधे राज्य सतर्कता विभाग (Vigilance Department) के टोल-फ्री नंबर 1064 या सतर्कता ऐप पर सूचना दे सकते हैं।
शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। कार्यक्रम के समापन से पहले सीएम ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के संघर्षों का हवाला देते हुए युवाओं को देवभूमि में तेजी से पैर पसार रहे नशे के नेटवर्क से खुद को और अपने साथियों को दूर रखने का संकल्प भी दिलाया। मंच पर क्षेत्रीय विधायक त्रिलोक सिंह चीमा और मेयर दीपक बाली समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।










