ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

छात्रा के सवाल पर सीएम धामी का तुरंत फैसला, 10वीं-12वीं के बच्चों के खातों में आएंगे पैसे

उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को अब टैबलेट के लिए पैसे मिलेंगे। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 'मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन' कार्यक्रम के दौरान डीबीटी के जरिए राशि भेजने की घोषणा की।

Published On: September 18, 2026 9:57 PM
Uttarakhand Tablet Yojana

HIGHLIGHTS

  • 10वीं और 12वीं के छात्रों को मिलेंगे टैबलेट।
  • डीबीटी के माध्यम से खातों में भेजी जाएगी राशि।
  • मुख्य सेवक सदन में हुआ कार्यक्रम का आयोजन।
  • हरिद्वार की छात्रा लवप्रीत कौर ने उठाया था मुद्दा।

दून हॉराइज़न, देहरादून (18 सितंबर): उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं की डिजिटल पढ़ाई की राह अब और आसान होने जा रही है। देहरादून स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां एक छात्रा के सीधे सवाल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा ऐलान कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान राज्यभर के होनहार छात्र-छात्राओं ने शिक्षा और विकास के कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी और मुख्यमंत्री के सामने अपनी जरूरतें भी साझा कीं।

इस दौरान हरिद्वार से कार्यक्रम में शामिल हुईं ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा लवप्रीत कौर ने ऑनलाइन शिक्षा की वर्तमान जरूरतों का जिक्र करते हुए एक अहम सवाल उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि आज के दौर में इंटरनेट और ऑनलाइन पढ़ाई बेहद जरूरी हो चुकी है, लेकिन तमाम परिवारों की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं होती कि वे बच्चों के लिए महंगे स्मार्टफोन या लैपटॉप का इंतजाम कर सकें।

छात्रा की इस व्यावहारिक समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने बिना किसी देरी के कार्यक्रम के मंच से ही एक बड़ी सौगात की घोषणा कर डाली।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य के राजकीय विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए बच्चों के अभिभावकों या विद्यार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के जरिए सीधे धनराशि भेजी जाएगी, ताकि वे अपनी सुविधा के अनुसार डिजिटल उपकरण खरीद सकें।

सरकार का यह कदम दूर-दराज के पहाड़ी इलाकों और सामान्य परिवारों से आने वाले बच्चों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक के बिना आज की शिक्षा अधूरी है और सरकार का पूरा प्रयास है कि प्रदेश के हर छात्र तक आधुनिक संसाधन पहुंचें।

इस प्रकार के आयोजनों से जमीनी स्तर की वास्तविकचुनौतियों को समझने में मदद मिलती है, जिससे समय रहते नीतिगत फैसले लिए जाते हैं। फिलहाल शिक्षा विभाग इस घोषणा के बाद आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया और पात्र विद्यार्थियों के डेटाबेस तैयार करने की दिशा में कार्य शुरू कर सकता है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment