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बदरीनाथ धाम पहुंचे सीएम धामी, परखी मास्टर प्लान के काम की जमीनी हकीकत

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Sun, 20 Sep 2026 04:24 PM IST

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ पहुंचकर भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए। उन्होंने मास्टर प्लान के तहत आस्था पथ निर्माण कार्यों की समीक्षा कर अफसरों को सख्त निर्देश दिए।

Pushkar Singh Dhami Badrinath Visit

मुख्य बातें

  • 150 संतों संग राजकोट स्वामीनारायण गुरुकुल के कथा महोत्सव में धामी पहुंचे।
  • बदरीनाथ के पारंपरिक और आध्यात्मिक स्वरूप के संरक्षण पर सख्त हिदायत।
  • चमोली डीएम और एसपी को गुणवत्ता संग तय डेडलाइन के आदेश।
  • आस्था पथ समेत मास्टर प्लान के प्रमुख ढांचागत कार्यों की समीक्षा।

दून हॉराइज़न, चमोली/देहरादून (20 सितंबर) : सीमांत जनपद चमोली स्थित भू-वैकुंठ बदरीनाथ धाम में चल रहे पुनर्विकास कार्यों को लेकर शासन की सक्रियता बढ़ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को भगवान बदरीविशाल के गर्भगृह में शीश नवाकर विशेष पूजा-अर्चना की और सीधे ग्राउंड जीरो पर उतरकर मास्टर प्लान के निर्माण कार्यों का मुआयना किया।

यात्रा के व्यस्त समय और सीमित वर्किंग सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास का कोई भी ढांचा धाम की मूल आध्यात्मिक आत्मा को आहत नहीं करना चाहिए।

आस्था पथ और रिवरफ्रंट कार्यों की ग्राउंड रिपोर्ट

भगवान के दर्शन के तत्काल बाद मुख्यमंत्री निर्माण क्षेत्रों की ओर निकल पड़े। उन्होंने मास्टर प्लान (Badrinath Master Plan) के तहत अलकनंदा किनारे बनाए जा रहे आस्था पथ, अराइवल प्लाजा और सुरक्षा दीवारों की प्रगति पर मौके पर मौजूद इंजीनियरों से सवाल-जवाब किए।

काम की गति और गुणवत्ता दोनों पर एक साथ नजर रखने का निर्देश देते हुए उन्होंने चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार को नियमित तकनीकी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। पर्वतीय क्षेत्र में मौसम बहुत तेजी से बदलता है। यदि बर्फबारी का दौर शुरू होने से पहले कंक्रीट और स्ट्रक्चरल काम नहीं निपटे, तो प्रोजेक्ट महीनों पिछड़ जाता है — इसी जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए डेडलाइन तय की गई है।

1200 से अधिक श्रद्धालुओं के बीच कथा महोत्सव

प्रशासनिक समीक्षा निपटाने के बाद मुख्यमंत्री श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान की ओर से आयोजित ‘बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव’ के पंडाल में पहुंचे। यहां देश के कोने-कोने से जुटे 150 से अधिक संत-साध्वियों और करीब 1200 हरिभक्तों की मौजूदगी में उन्होंने व्यासपीठ को नमन किया।

संस्थान के पूज्यपाद महंत स्वामी देवप्रसाददास जी और सद्गुरुवर्य धर्मवल्लभदास जी महाराज की मौजूदगी में धामी ने संतों से राज्य की समृद्धि का आशीष मांगा। और यह आयोजन महज कथा तक सीमित नहीं दिखा — संतों का यह समागम उत्तराखंड की सनातन पहचान को एक राष्ट्रीय मंच पर रेखांकित कर रहा था। उन्होंने कहा कि संतों के सान्निध्य में युवा पीढ़ी तक अपनी मूल संस्कृति और नैतिक जीवन मूल्य पहुंचाना आज के दौर की सबसे बड़ी जरूरत है।

21वीं सदी के तीसरे दशक का संकल्प

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस चर्चित उद्बोधन को फिर दोहराया, जिसमें उन्होंने केदारनाथ की धरती से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था। धामी ने कहा कि चारधाम, हेमकुंड साहिब और पवित्र नदियों की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए ही अवस्थापना विकास (Infrastructure Development) को आगे बढ़ाया जा रहा है।

इस दौरान मंच पर राज्य मंत्री हरक सिंह, माधव प्रसाद सेमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह बर्त्वाल, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह रावत, विनोद कनवासी और अरुण मैठाणी समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

आने वाले हफ्तों में ठंड बढ़ने के साथ ही निर्माण एजेंसियों के लिए समय से काम समेटना बड़ी परीक्षा होगी।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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