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उत्तराखंड छात्रसंघ चुनाव की तारीख तय, इन 4 बड़े कॉलेजों में 29 को होगी वोटिंग

देहरादून के डीएवी, डीबीएस समेत चार बड़े अशासकीय कॉलेजों में 29 सितंबर को छात्रसंघ चुनाव होंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने छात्राओं के लिए 50% आरक्षण का शासनादेश भी जारी कर दिया है।

Published On: September 19, 2026 3:09 PM
Uttarakhand Student Union Elections 2026

HIGHLIGHTS

  • 29 सितंबर को देहरादून के डीएवी, डीबीएस, एसजीआरआर और एमकेपी पीजी कॉलेज में मतदान होगा।
  • राज्य के छात्रसंघ पदों में छात्राओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का शासनादेश जारी।
  • उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की कुल संख्या 66 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई।
  • डीएवी पीजी कॉलेज में प्रथम सेमेस्टर की चौथी मेरिट सूची के तहत प्रवेश शुरू।

दून हॉराइज़न, देहरादून (19 सितंबर): राजधानी देहरादून के अशासकीय महाविद्यालयों में पिछले कई दिनों से बना संशय शुक्रवार को उच्च शिक्षा निदेशालय के स्पष्ट आदेश के साथ समाप्त हो गया। शहर के चार प्रमुख कॉलेजों – डीएवी, डीबीएस, एसजीआरआर और एमकेपी पीजी कॉलेज – में छात्रसंघ चुनाव (Student Union Elections) आगामी 29 सितंबर को ही कराए जाएंगे। तारीख साफ होते ही एबीवीपी और एनएसयूआई जैसे प्रमुख छात्र संगठनों के खेमों में टिकट बंटवारे को लेकर देर रात तक बैठकों का दौर जारी रहा।

कुमाऊं विश्वविद्यालय और श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय पहले ही अपने परिसरों के लिए 29 सितंबर की तिथि मुकर्रर कर चुके थे। हालांकि, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से संबद्ध अशासकीय कॉलेजों में शेड्यूल को लेकर भारी उहापोह की स्थिति बनी हुई थी। कॉलेज प्रबंधन लगातार उच्च शिक्षा निदेशालय से आधिकारिक गाइडलाइंस की मांग कर रहे थे।

डीएवी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कौशल कुमार के मुताबिक, अधिसूचना हाथ में आते ही परिसर में आचार संहिता और मतदान की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। लिंगदोह समिति की सिफारिशों के तहत चुनावी खर्च और प्रचार सामग्री के नियमों को लेकर भी कॉलेज प्रशासन सतर्क है।

छात्र राजनीति में बड़ा उलटफेर 

इधर चुनावी बिगुल बजने के साथ ही शासन ने एक दूरगामी नीतिगत निर्णय लागू कर दिया है। उच्च शिक्षा सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र जारी कर छात्रसंघों में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। शासन का तर्क है कि प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकित कुल विद्यार्थियों में छात्राओं का अनुपात 66 फीसदी से भी अधिक है।

इस मजबूत संख्याबल को देखते हुए वर्तमान सत्र से ही छात्रसंघ संविधान में संशोधन करने को कहा गया है। यह व्यवस्था सीधे तौर पर अध्यक्ष, सचिव या उपाध्यक्ष जैसे अहम पदों की दावेदारी के समीकरण बदल देगी। जिन सामान्य सीटों पर छात्र नेता महीनों से जमीनी संपर्क साध रहे थे, वहां आरक्षण रोस्टर तय होने के बाद नए चेहरों को उतारना मजबूरी होगा।

चुनौती यह है कि मतदान में बमुश्किल दस दिन शेष हैं। इतने कम वक्त में विश्वविद्यालय स्तर पर आरक्षण का रोस्टर तय करना और छात्रसंघ के मौजूदा बायलॉज में बदलाव को कार्यपरिषद से पास कराना प्रशासनिक तौर पर आसान नहीं होगा।

डीएवी कॉलेज: चौथी मेरिट के तहत 19 और 21 सितंबर को काउंसिलिंग

चुनावी गहमागहमी के बीच डीएवी पीजी कॉलेज प्रशासन ने स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा दी है। बीए, बीकॉम और बीएससी प्रथम सेमेस्टर के लिए चौथी मेरिट सूची (Admission Merit List) जारी कर दी गई है। चयनित अभ्यर्थियों को 19 और 21 सितंबर को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया है।

प्रवेश प्रक्रिया कॉलेज के संबंधित संकाय कक्षों और ओएनजीसी सभागार में संपन्न कराई जाएगी। प्रथम वर्ष प्रवेश के मुख्य समन्वयक जेपी मेहता और प्राचार्य ने स्पष्ट किया है कि छात्र-छात्राओं को अपने सभी मूल प्रमाणपत्र, चरित्र प्रमाणपत्र, अंकतालिकाएं और आरक्षण श्रेणी दस्तावेज अनिवार्य रूप से साथ लाने होंगे। दस्तावेजों की मूल प्रति और स्वप्रमाणित छायाप्रतियां प्रस्तुत न करने पर सीट तुरंत निरस्त कर दी जाएगी।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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