हरिद्वार, 09 अगस्त, 2026 (दून हॉराइज़न)।
Haridwar Kanwar Yatra : धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दौर में प्रवेश कर चुकी है। शहर के मुख्य क्षेत्रों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों तक केवल केसरिया रंग और शिवभक्तों का जमावड़ा दिखाई दे रहा है। हरकी पैड़ी, आसपास के प्रमुख गंगा घाटों और स्थानीय बाजारों में श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही दर्ज की जा रही है।
डाक कांवड़ के आगमन के साथ ही हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर दोपहिया और चौपहिया वाहनों की तादाद में अचानक बड़ा इजाफा हुआ है। मुख्य मार्ग से हरकी पैड़ी की ओर जाने वाले रास्ते पूरी तरह वाहनों से भर चुके हैं। स्थिति यह है कि शहर की सभी छोटी-बड़ी पार्किंग क्षमता से अधिक भर चुकी हैं।
प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, रविवार सुबह तक तीन करोड़ बीस लाख से अधिक कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर रवाना हो चुके हैं। इसके बावजूद हरिद्वार में नए श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम लगातार बना हुआ है।
हरिद्वार के बैरागी कैंप पार्किंग में बड़े डाक कांवड़ वाहनों का जमावड़ा है। वहीं दीनदयाल, रोड़ीबेलवाला, पंतद्वीप, गौरीशंकर और गड्ढा पार्किंग में छोटे वाहनों की कतारें लगी हैं। यातायात पुलिस पार्किंग स्थलों से वाहनों की निरंतर निकासी कराने में जुटी है।
वर्ष 2026 की इस कांवड़ यात्रा में कुल श्रद्धालुओं की संख्या पांच करोड़ तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है। बीते वर्ष यह आंकड़ा करीब चार करोड़ दर्ज किया गया था। इस बार भीड़ के नए रिकॉर्ड को देखते हुए व्यवस्थाओं का दायरा बढ़ाया गया है।
डाक कांवड़ के वाहन अलग-अलग राज्यों से विशेष रूप से सजाकर लाए गए हैं। गाड़ियों पर भगवान शिव की बड़ी प्रतिमाएं, विशाल डीजे सिस्टम और धार्मिक संगीत बज रहा है। हाईवे पर इन वाहनों का दबाव अगले दो दिनों तक इसी तरह बने रहने की संभावना है।
कांवड़ मेले की अंतिम तिथि 10 अगस्त की रात तक डाक कांवड़ वाहनों की रवानगी का सिलसिला जारी रहेगा। शहर के भीतरी व्यापारिक क्षेत्रों में आवाजाही नियंत्रण में रखी गई है, लेकिन बाजारों में पैदल श्रद्धालुओं का दबाव बना हुआ है।
स्थानीय स्थिति और यातायात संतुलन बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने रातभर विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। प्रशासनिक टीमें संवेदनशील प्वाइंट्स पर तैनात की गई हैं।

उधर, ऋषिकेश और मुनिकीरेती क्षेत्र से सटे कांवड़ मार्गों पर भी श्रद्धालुओं का भारी दबाव देखा जा रहा है। टिहरी गढ़वाल की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे खुद सड़कों पर उतरकर सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन का जायजा ले रही हैं।
मुनिकीरेती, ब्रह्मानंद मोड़, खारा स्रोत और भद्रकाली जैसे मुख्य चौराहों पर पुलिस टीमों को तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की गाड़ियों को ढालवाला, तपोवन और गरुड़चट्टी के वैकल्पिक रास्तों से नीलकंठ की ओर भेजा जा रहा है ताकि मुख्य मार्गों पर जाम न लगे।












