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Harish Rawat Retirement : क्या राजनीति से संन्यास लेंगे हरीश रावत? पूर्व CM ने खुद कर दिया बड़ा ऐलान

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Sun, 12 Apr 2026 11:40 PM IST

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राजनीति से संन्यास की अटकलों को खारिज करते हुए 15 अप्रैल से प्रदेश व्यापी दौरे की घोषणा की है। रावत ने 2022 की हार के लिए 'मुस्लिम यूनिवर्सिटी' विवाद को जिम्मेदार ठहराते हुए अपनी ही पार्टी के कुछ लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

Harish Rawat Retirement : क्या राजनीति से संन्यास लेंगे हरीश रावत? पूर्व CM ने खुद कर दिया बड़ा ऐलान

मुख्य बातें

  • संन्यास से इनकार: रावत फिलहाल चुनावी राजनीति से पीछे हटने के मूड में नहीं हैं, जनता से राय लेकर लेंगे फैसला।
  • हार का विश्लेषण: 2017 और 2022 की चुनावी शिकस्त के कारणों को लेकर जनता के बीच जाएंगे।
  • धामी पर टिप्पणी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के व्यवहार की प्रशंसा की, लेकिन उनके कामकाज को लेकर असंतोष जताया।

देहरादून, 12 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न) 

Harish Rawat Retirement : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत ने सक्रिय राजनीति से संन्यास की तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। रावत ने स्पष्ट किया है कि वे मैदान छोड़ने के बजाय एक बार फिर जनता के बीच जाकर अपनी राजनीतिक जमीन की थाह लेंगे। उन्होंने घोषणा की कि आगामी 15 अप्रैल से वे उत्तराखंड के व्यापक भ्रमण पर निकल रहे हैं, जिसकी शुरुआत उत्तरकाशी के गंगोत्री राजमार्ग और धराली से होगी।

हार के कारणों की होगी समीक्षा

सक्रिय राजनीति में 60 वर्ष का सफर पूरा करने जा रहे हरीश रावत ने कहा कि वे इस दौरे के माध्यम से 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार के कारणों पर मंथन करेंगे। रावत ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें 2017 में हरिद्वार ग्रामीण सीट से मिली हार का सबसे गहरा दुख है, क्योंकि वहां वे हर परिवार से व्यक्तिगत रूप से जुड़े थे। वे अब जनता से सीधे पूछेंगे कि ‘उत्तराखंडियत’ के ध्वजवाहक को विकास कार्यों के बावजूद क्यों हराया गया।

मुस्लिम यूनिवर्सिटी विवाद पर अपनों को घेरा

2022 के विधानसभा चुनाव में हार के सबसे बड़े कारण ‘मुस्लिम यूनिवर्सिटी’ मुद्दे पर रावत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह कोई वास्तविक मुद्दा नहीं था, बल्कि पार्टी के ही कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर इसे हवा दी और मीम बनाकर भाजपा को मुद्दा भुनाने का मौका दे दिया। उन्होंने भाजपा पर छद्म सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका मुकाबला केवल शुद्ध ‘उत्तराखंडियत’ से ही किया जा सकता है।

युवा नेतृत्व और ‘अर्जित अवकाश’ पर जवाब

पार्टी के भीतर अपने विरोधियों को जवाब देते हुए रावत ने कहा कि हाल ही में उनकी नई जॉइनिंग और ‘अर्जित अवकाश’ जैसे शब्दों को लेकर जो सवाल उठाए गए, उनका जवाब देना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने कांग्रेस के पांच उभरते युवा नेताओं की तुलना ‘पंचमुखी रुद्राक्ष’ से करते हुए उनके नेतृत्व को स्वीकार किया, लेकिन यह भी साफ किया कि वे अपने नेतृत्व और हार को लेकर किए जा रहे दावों का जवाब जनता के बीच जाकर देंगे।

मुख्यमंत्री धामी के कामकाज पर सवाल

मौजूदा सरकार के संदर्भ में बात करते हुए हरीश रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की व्यक्तिगत शैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि सियासी शिष्टाचार के मामले में धामी का रिकॉर्ड उत्कृष्ट है, जो कम ही नेताओं में दिखता है। हालांकि, मुख्यमंत्री के तौर पर उनके कामकाज और निर्णयों से रावत संतुष्ट नजर नहीं आए। रावत ने जोर देकर कहा कि सरकारें बदलने के साथ विकास की प्राथमिकताएं नहीं बदलनी चाहिए और राज्यहित सर्वोपरि होना चाहिए।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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