कुरुक्षेत्र, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। हरियाणा पुलिस की साख पर एक बार फिर बट्टा लगा है, जहाँ कुरुक्षेत्र के केयूके थाने में तैनात एएसआई शर्मिला मलिक को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) अंबाला की टीम ने 33 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी महिला अधिकारी एक पारिवारिक विवाद में शिकायतकर्ता के पक्ष में बयान लिखने और मामला खत्म करने के बदले मोटी रकम की डिमांड कर रही थी।
शरीफगढ़ के रहने वाले नवदीप सिंह ने एसीबी को दी अपनी शिकायत में पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। नवदीप के ताऊ के लड़के सिमरनजीत सिंह की शादी 15 सितंबर 2024 को ज्योतिसर की प्रभजीत कौर से हुई थी, लेकिन शादी के महज छह महीने बाद ही कलह शुरू हो गई। प्रभजीत के परिजनों ने सिमरनजीत के खिलाफ केयूके थाने के महिला हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी जांच एएसआई शर्मिला मलिक के पास थी।
जांच के दौरान एएसआई शर्मिला ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया और शिकायतकर्ता को डराते हुए कहा कि लड़की पक्ष 10 लाख रुपये मांग रहा है। जब नवदीप ने इतनी बड़ी रकम देने से मना कर दिया और कोर्ट में चल रहे सेक्शन-9 के केस के दस्तावेज दिखाए, तो शर्मिला ने अपना असली रंग दिखाया। उसने कहा कि अगर उसे 50 हजार रुपये दिए जाएं, तो वह पुलिस डायरी में ऐसे बयान लिखेगी जिससे अदालत में सिमरनजीत को बड़ी मदद मिलेगी।
काफी मिन्नतों के बाद सौदा 35 हजार रुपये में फाइनल हुआ। शर्मिला इतनी शातिर थी कि उसने 2 हजार रुपये ‘टोकन मनी’ के तौर पर तुरंत वसूल लिए और बाकी के 33 हजार रुपये शुक्रवार को बयान दर्ज करने के वक्त मांगे थे। नवदीप ने रिश्वत देने के बजाय भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का फैसला किया और अंबाला एसीबी को पूरी जानकारी दे दी।
योजना के मुताबिक, एसीबी टीम ने नवदीप को 500-500 रुपये के 66 विशेष पाउडर लगे नोट दिए। जैसे ही शाम के वक्त सेक्टर-13 में एएसआई शर्मिला मलिक यह रकम लेने पहुंची, पहले से जाल बिछाकर बैठी विजिलेंस की टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। नोट पकड़ते ही नवदीप के इशारे पर टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पकड़े जाने के बाद जब एएसआई के हाथ धुलवाए गए, तो वे गुलाबी हो गए, जो इस बात का पक्का सबूत था कि उसने रिश्वत के नोटों को छुआ है।









