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Kedarnath Yatra 2026 : केदारनाथ यात्रियों के लिए जारी हुए नए आदेश, घोड़ा-खच्चरों को लेकर सख्त हुए नियम

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Tue, 18 Aug 2026 07:48 PM IST

उत्तराखंड शासन के प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के साथ केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत वर्चुअल समीक्षा की। यात्रा मार्ग पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के साथ-साथ घोड़ा-खच्चरों के कल्याण और बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त रखने के कड़े निर्देश जारी किए गए।

Kedarnath Yatra 2026: In-charge Secretary Dr. R. Rajesh Kumar reviews ground arrangements

मुख्य बातें

  • प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने की वर्चुअल समीक्षा
  • केदारनाथ मार्ग पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती जल्द होगी
  • पैदल ट्रैक और पड़ावों पर बिजली-पानी आपूर्ति सुचारु
  • घोड़ा-खच्चरों के साथ अमानवीय व्यवहार रोकने के निर्देश

दून हॉराइज़न, देहरादून (18 अगस्त 2026): केदारनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रभारी सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने मंगलवार को वर्चुअल बैठक कर रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन से सीधी रिपोर्ट तलब की।

रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक के दौरान यात्रा मार्ग पर डॉक्टरों की स्थिति का ब्योरा रखा। पैदल रूट और पड़ावों पर सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हैं। गंभीर मामलों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। जिला प्रशासन ने शासन से अतिरिक्त स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को तुरंत भेजने की मांग रखी है।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने जिला प्रशासन की मांग पर तत्काल कदम उठाने की बात कही। शासन स्तर से विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए इमरजेंसी मेडिकल बैकअप को दोगुना मजबूत किया जा रहा है।

रुद्रप्रयाग जनपद में मुख्य पड़ावों और पैदल मार्ग पर पेयजल लाइनों और बिजली ग्रिड की स्थिति सामान्य पाई गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी मुख्य पड़ाव पर सप्लाई से जुड़ी बाधा नहीं है। मेंटेनेंस टीमें संवेदनशील हिस्सों पर 24 घंटे तैनात हैं।

प्रभारी सचिव ने निर्देश दिए कि किसी भी पड़ाव पर पानी या बिजली कटने की स्थिति में तत्काल वैकल्पिक बैकअप शुरू होना चाहिए। यात्रियों की किसी भी शिकायत को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों पर सीधी जवाबदेही तय होगी।

पैदल मार्ग पर चलने वाले घोड़ा-खच्चरों के संचालन और उनकी शारीरिक स्थिति की अलग से समीक्षा की गई। पशुपालन विभाग और संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए हैं कि अमानवीय व्यवहार और ओवरलोडिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी।

पशुओं की मेडिकल जांच और पड़ावों पर उनके लिए गर्म पानी व चारे के प्रबंधों की निगरानी बढ़ाई जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले खच्चर संचालकों के खिलाफ मौके पर कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत सभी संबंधित विभागों—स्वास्थ्य, विद्युत, जल संस्थान, पुलिस और स्थानीय प्रशासन—को आपस में रियल-टाइम कॉर्डिनेशन बनाए रखने के लिए कहा गया है। लैंडस्लाइड जोन और भीड़भाड़ वाले सेक्टरों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेंगे।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने साफ किया कि यात्रा मार्ग पर हर छोटे-बड़े संकट का समाधान मिनटों में निकलना चाहिए। शासन स्तर से हर सप्ताह इन व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण और डिजिटल ऑडिट जारी रहेगा।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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