ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग फैक्ट चेक

मसूरी के अपर माल रोड पर गरजा MDDA का बुलडोजर, अवैध निर्माण पर बड़ा एक्शन

मसूरी के अपर माल रोड स्थित रॉक स्टोन में एमडीडीए ने सोमवार को बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई की। नक्शे और नियमों के उल्लंघन पर प्राधिकरण ने दो टूक चेतावनी जारी की है।

Published On: September 7, 2026 6:46 PM
MDDA Mussoorie demolition

HIGHLIGHTS

  • अपर माल रोड के रॉक स्टोन परिसर में एमडीडीए का बुलडोजर चला।
  • संजय मेहरोत्रा और राजीव मेहरोत्रा के अनधिकृत ढांचे पर यह कार्रवाई हुई।
  • सुनवाई में संतोषजनक जवाब न मिलने पर ध्वस्तीकरण आदेश जारी हुआ।
  • नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 के तहत कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई।
  • मसूरी जैसे संवेदनशील हिल स्टेशन पर अनियोजित निर्माण बर्दाश्त नहीं होगा।

दून हॉराइज़न, देहरादून (7 सितम्बर): मसूरी के वीआईपी और सबसे संवेदनशील माने जाने वाले अपर माल रोड पर सोमवार को प्राधिकरण की पीली मशीनें गरजती नजर आईं। पर्यटकों की चहल-पहल के बीच मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की टीम भारी अमले के साथ पहुंची और ‘रॉक स्टोन’ में खड़े किए जा रहे अवैध ढांचे को जमींदोज कर दिया।

यह भी पढ़ें : सीएम आवास कूच पर भाजपा का पलटवार, कांग्रेस के प्रदर्शन को बताया फ्लॉप शो

पहाड़ों की रानी में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के नाम पर यह अब तक का बेहद सख्त संदेश माना जा रहा है।

सुनवाई का मौका मिला, लेकिन कागजों में नहीं दिखा दम

प्राधिकरण के दस्तावेजों के मुताबिक, यह निर्माण संजय मेहरोत्रा और राजीव मेहरोत्रा की ओर से कराया जा रहा था। स्थानीय स्तर पर शिकायत मिलने के बाद जब जांच हुई, तो निर्माण स्वीकृत नक्शे और मानकों के विपरीत पाया गया। एमडीडीए ने फौरन उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973) की धाराओं के तहत वाद दायर किया था।

प्राधिकरण ने विपक्षी पक्ष को अपना जवाब दाखिल करने का पूरा कानूनी अवसर दिया। सुनवाई के दौरान पेश किए गए जवाब का तकनीकी परीक्षण हुआ, लेकिन वे निर्माण को वैध ठहराने में नाकाम रहे। कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही ध्वस्तीकरण की फाइल पर मुहर लग गई।

इको-सेंसिटिव जोन में अनियंत्रित कंक्रीट पर लगाम की कवायद

मसूरी महज एक हिल स्टेशन नहीं, बल्कि भूगर्भीय दृष्टि से बेहद नाजुक पर्वतीय क्षेत्र है। सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के स्पष्ट निर्देश हैं कि यहां ढलानों पर बेतरतीब निर्माण से जल निकासी और पहाड़ों की स्थिरता को भारी नुकसान पहुंचता है। अपर माल रोड जैसे मुख्य हिस्से पर बिना अनुमति ईंट-गारे का ढांचा खड़ा करना सीधे तौर पर इन पाबंदियों को धता बताना था।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने साफ किया कि प्राधिकरण का मकसद किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि कानून की निष्पक्ष पालना कराना है। यदि कोई भी डेवलपर या भवन स्वामी नियमों से खिलवाड़ करेगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

प्राधिकरण का कड़ा अल्टीमेटम: नक्शा पास नहीं तो काम नहीं

कार्रवाई के बाद एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने दो टूक शब्दों में निर्माणकर्ताओं को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि दून और मसूरी दोनों ही क्षेत्रों में नियोजित विकास हमारी पहली प्राथमिकता है। पहाड़ों में हर छोटे-बड़े निर्माण के लिए स्वीकृत मानचित्र (Approved Map) और जरूरी एनओसी लेना अनिवार्य है। अगर मौके पर स्वीकृत नक्शे से एक इंच भी अतिरिक्त या अलग निर्माण पाया गया, तो सीलिंग और ध्वस्तीकरण की तलवार लटकेगी। प्राधिकरण ने आम जनता और होटल कारोबारियों से भी अपील की है कि वे काम शुरू करने से पहले तमाम मंजूरियां औपचारिक तौर पर हासिल करें।

यह भी पढ़ें : कांग्रेस पर बरसे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, लगाया देवभूमि को बदनाम करने का गंभीर आरोप

Advertisement

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment