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एमआरपी से ज्यादा वसूली पर भड़के डीएम, दून में शराब दुकानों पर आधी रात ताबड़तोड़ एक्शन

देहरादून में शराब की दुकानों पर ओवररेटिंग और अवैध सेल्समैन के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम के निर्देश पर 5 मजिस्ट्रेट टीमों ने देर रात छापेमारी की।

Published On: October 1, 2026 12:50 PM
Dehradun Liquor Shop Raid

HIGHLIGHTS

  • देहरादून में देर रात 5 मजिस्ट्रेटों की टीमों ने मारा छापा।
  • आईएसबीटी ठेके पर 42 बोतलों के बैच नंबर रिकॉर्ड से नहीं मिले।
  • राजपुर, जाखन और प्रेमनगर में नदारद मिली आधिकारिक रेट लिस्ट।
  • दुकानों पर अनाधिकृत सेल्समैन और अधूरी स्टॉक पंजिकाएं पकड़ी गईं।
  • नियमों के उल्लंघन पर आबकारी एक्ट के तहत होगी कड़ी कार्रवाई।

दून हॉराइज़न, देहरादून (01 अक्टूबर) : राजधानी की शराब दुकानों पर प्रिंट रेट से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने आधी रात को बड़ा एक्शन लिया है। जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद पांच प्रशासनिक अधिकारियों ने आबकारी विभाग की टीमों को साथ लेकर शहर के प्रमुख इलाकों में एक साथ औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया। अचानक हुई इस कार्रवाई से ठेका संचालकों में भगदड़ मच गई।

आईएसबीटी ठेके पर 42 बोतलों के रिकॉर्ड गायब, मिली भारी गड़बड़ी

सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी और एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह की संयुक्त टीम जब माजरा और पटेलनगर क्षेत्र में जांच करने पहुंची, तो वहां शराब की ओवररेटिंग (Liquor Overrating) की पुष्टि हुई। आईएसबीटी स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान पर जांच के दौरान 42 बोतलों के बैच नंबर सरकारी स्टॉक रजिस्टर से मेल नहीं खा रहे थे।

दुकान के काउंटर पर अनाधिकृत लोग शराब बेचते पाए गए, जिनका कोई आधिकारिक सत्यापन नहीं था। मौके पर आबकारी विभाग द्वारा तय रेट लिस्ट तक चस्पा नहीं की गई थी, जिससे साफ जाहिर था कि ग्राहकों से मनमाने दाम वसूले जा रहे थे।

राजपुर रोड और प्रेमनगर में भी खुली पोल

एसडीएम मुख्यालय रविंद्र ज्वांठा ने प्रेमनगर क्षेत्र की दुकानों की पड़ताल की, जहां स्टॉक रजिस्टर कई दिनों से अपडेट नहीं किया गया था। उधर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद और हर्षिता सिंह की टीम ने राजपुर रोड और जाखन क्षेत्र में दबिश दी।

जांच में सामने आया कि ठेकों पर न तो आबकारी विभाग का टोल-फ्री शिकायत नंबर लिखा था और न ही वैध सेल्समैन मौजूद थे। नियमों के मुताबिक शराब की हर दुकान पर सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में और रेट बोर्ड प्रमुखता से प्रदर्शित होना अनिवार्य है, लेकिन कई जगह इन नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।

ओवररेटिंग पर लाइसेंस निरस्तीकरण तक की चेतावनी

जिलाधिकारी आशीष चौहान ने स्पष्ट किया है कि एमआरपी से एक रुपया भी ज्यादा वसूलना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उत्तराखंड आबकारी अधिनियम के तहत दोषी अनुज्ञापियों (Licensees) पर भारी जुर्माने के साथ-साथ दुकान का लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है। आने वाले दिनों में भी रात के समय औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि ओवररेटिंग के सिंडिकेट को तोड़ा जा सके।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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