नासिक, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को दोटूक शब्दों में कहा कि अशोक खरात मामले में सीडीआर (Call Detail Record) लीक होना एक गंभीर विषय है और इसकी गहराई से जांच की जाएगी। सीएम ने स्पष्ट किया कि कॉल डेटा तक पहुंच केवल अधिकृत सुरक्षा एजेंसियों की हो सकती है, किसी भी निजी व्यक्ति या अज्ञात नंबर से इसे साझा करना कानूनन अपराध है।
यह कड़ा रुख तब सामने आया है जब सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमणिया ने दावा किया कि उन्हें वॉट्सऐप पर एक अज्ञात नंबर से खरात का सीडीआर मिला है, जिसमें डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और आरोपी के बीच बातचीत के रिकॉर्ड हैं।
मुख्यमंत्री ने नासिक में मीडिया से बातचीत के दौरान संकेत दिए कि केवल शिकायतों के आधार पर नहीं, बल्कि ठोस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी। उन्होंने साफ किया कि सरकार यह पता लगाएगी कि पुलिस या जांच एजेंसियों के पास मौजूद यह बेहद संवेदनशील डेटा बाहर कैसे आया। फडणवीस ने इस मुद्दे को राजनीति से ऊपर बताते हुए कहा कि कुछ लोग जानबूझकर इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकार का ध्यान केवल न्याय और सच्चाई पर है।
अशोक खरात की मुश्किलें केवल पुलिस जांच तक सीमित नहीं रहने वाली हैं। फडणवीस ने घोषणा की है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब खरात की संपत्तियों और वित्तीय अनियमितताओं की कमान संभालेगा। जांच में सामने आया है कि ‘कैप्टन खरात’ के नाम से मशहूर इस आरोपी ने शिर्डी की ‘समता क्रेडिट सोसाइटी’ और सिन्नर की ‘जगदंबा क्रेडिट सोसाइटी’ में 130 से अधिक बेनामी खाते खोल रखे थे। इन खातों में 2021 से 2024 के बीच 63 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेनदेन हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी खातों में खरात खुद ‘नॉमिनी’ था और मोबाइल नंबर भी उसी का जुड़ा था।
एसआईटी (SIT) की जांच में खरात के पास पनवेल में उसकी बेटी के नाम पर 51 एकड़ जमीन और नासिक के आलीशान बंगले से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, खरात की कुल संपत्ति 1500 करोड़ रुपये के आसपास हो सकती है।
अब तक इस मामले में यौन शोषण, धोखाधड़ी और जमीन हड़पने जैसे 12 अलग-अलग मामले दर्ज हो चुके हैं। सीएम ने जनता से अपील की है कि वे बेखौफ होकर सामने आएं और एसआईटी को जानकारी दें, क्योंकि अब बड़ी संख्या में पीड़ित अपना मुंह खोल रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में हलचल तब तेज हो गई जब अंजलि दमणिया ने न केवल एकनाथ शिंदे बल्कि एनसीपी नेता रूपाली चाकणकर का नाम भी इस विवाद में घसीटा। दमणिया के अनुसार, खरात और चाकणकर के बीच 177 बार बातचीत हुई, जो कुल 33,727 सेकंड तक चली।
हालांकि, सत्ता पक्ष ने इसे ‘स्मीयर कैंपेन’ करार देते हुए कहा है कि एक आम घर से आए नेता की छवि खराब करने की साजिश रची जा रही है। फडणवीस ने दोहराया कि आरोपी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, महिलाओं के साथ हुए अत्याचार में उसे सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।









