इडुक्की, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। केरल विधानसभा चुनाव की तपिश के बीच कांग्रेस के एक दिग्गज नेता ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दी हैं। इडुक्की जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) के अध्यक्ष सी पी मैथ्यू ने एक चुनावी जनसभा के दौरान सरेआम यह स्वीकार किया कि उन्होंने एक महिला कार्यकर्ता को राजनीतिक विरोधियों को मुसीबत में डालने के लिए अपने कपड़े फाड़ने का निर्देश दिया था।
यह शर्मनाक वाकया तब हुआ जब मैथ्यू इडुक्की निर्वाचन क्षेत्र से संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) के उम्मीदवार रॉय के. पॉलोस के समर्थन में आयोजित एक सभा को संबोधित कर रहे थे।
मैथ्यू ने अपने भाषण में एक पुराने आंदोलन का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्होंने एक ग्राम पंचायत की पूर्व महिला उपप्रधान को अपना ब्लाउज फाड़ने को कहा था। उन्होंने तर्क दिया कि अगर महिलाएं संघर्ष के दौरान खुद अपने कपड़े फाड़कर शिकायत दर्ज कराती हैं, तो इससे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पुलिस केस बेहद मजबूत हो जाता है। मैथ्यू का यह बयान सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है, जिससे कांग्रेस रक्षात्मक मुद्रा में आ गई है।
हैरानी की बात यह रही कि जब मैथ्यू यह आपत्तिजनक बातें कह रहे थे, तब मंच पर केरल कांग्रेस के उपाध्यक्ष जेसन जोसेफ जैसे कद्दावर नेता मौजूद थे। टेलीविजन फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि इस भद्दी टिप्पणी पर मंच पर बैठे कई नेता विरोध करने के बजाय मुस्कुरा रहे थे। मैथ्यू ने अपनी बात को और धार देने के लिए महिला के ‘आदिवासी समुदाय’ से होने का कार्ड भी खेला। उन्होंने कहा कि अगर महिला आदिवासी है, तो विरोधियों पर और भी सख्त ‘धाराएं’ लगवाई जा सकती हैं।
इस मामले में नया मोड़ तब आया जब स्थानीय स्तर पर यह जानकारी सामने आई कि मैथ्यू पहले भी विवादों में रहे हैं। हाल ही में उन पर एक दिव्यांग कांग्रेस कार्यकर्ता के साथ बदसलूकी और मारपीट करने के आरोप भी लगे थे, जब वह सांसद शशि थरूर के साथ सेल्फी लेने की कोशिश कर रहा था। बार-बार होने वाले इन विवादों ने कांग्रेस की छवि को चुनाव से ठीक पहले दांव पर लगा दिया है।
सत्ताधारी दल CPI(M) ने इस बयान को कांग्रेस की हताशा का प्रतीक बताया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए अब महिलाओं के सम्मान का सौदा करने और कानूनी प्रावधानों का खुलेआम दुरुपयोग करने पर उतारू है। माकपा ने इसे विरोधियों को फर्जी मुकदमों में फंसाने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। फिलहाल, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इस पूरे विवाद पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन चुनावी समर में यह मुद्दा अब गरमाता जा रहा है।










