गुवाहाटी, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। असम विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को होने वाली वोटिंग से महज 72 घंटे पहले राज्य की राजनीति में ‘विदेशी प्रॉपर्टी’ और ‘पाकिस्तानी कनेक्शन’ के आरोपों ने भूचाल ला दिया है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सीधे तौर पर कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के कंटेंट को पाकिस्तानी सोशल मीडिया समूहों से प्रेरित बताया है। सोमवार को आक्रामक अंदाज में मुख्यमंत्री ने कहा कि पवन खेड़ा और गौरव गोगोई की प्रेस कॉन्फ्रेंस का पूरा ‘मटेरियल’ सरहद पार से सप्लाई किया गया था।
पाकिस्तानी टॉक शो और सोशल मीडिया का ‘कनेक्शन’
मुख्यमंत्री सरमा ने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों में पाकिस्तान के टीवी चैनलों ने असम चुनाव पर 11 टॉक शो किए हैं। उनके मुताबिक, इन कार्यक्रमों का एकमात्र मकसद कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करना था। सीएम ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के नाम पर जो फर्जी पासपोर्ट दिखाए जा रहे हैं, उनका डेटा ‘Pakistanis in Ajman’ नामक फेसबुक ग्रुप से लिया गया है। उन्होंने साफ कहा कि एजेंसियां अब इस मामले में पाकिस्तानी लिंक की गहनता से जांच करेंगी।
कांग्रेस के तीखे सवाल: क्या छिपाया गया हलफनामा?
दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा अपने आरोपों पर मजबूती से डटे हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री इस बात से इनकार कर सकते हैं कि उनकी पत्नी के पास दुबई में दो संपत्तियां नहीं हैं? कांग्रेस का आरोप है कि रिंकी भुइयां सरमा के पास यूएई, एंटीगुआ-बारबुडा और मिस्र के पासपोर्ट हैं। खेड़ा ने दावा किया कि इन संपत्तियों और पासपोर्ट का जिक्र हिमंत बिस्वा सरमा के चुनावी हलफनामे (Affidavit) में कहीं नहीं है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा, “क्या हार के डर से देश छोड़ने की तैयारी हो रही है?”

डिजिटल हेरफेर और ‘व्योमिंग’ कंपनी का सच
विवाद की जड़ में अमेरिका के ‘व्योमिंग’ (Wyoming) में रजिस्टर्ड एक कंपनी भी है। कांग्रेस का कहना है कि इस शेल कंपनी में सीएम का परिवार शामिल है। इसके जवाब में हिमंत ने एक डिजिटल प्रयोग का हवाला देते हुए बताया कि महज 199 डॉलर खर्च करके कोई भी फर्जी कंपनी रजिस्टर करा सकता है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने जो दस्तावेज दिखाए हैं, उनमें स्पेलिंग की गलतियां और अमान्य QR कोड हैं, जो साबित करते हैं कि ये पूरी तरह से ‘डिजिटल मैनिपुलेशन’ का हिस्सा हैं।
भारतीय न्याय संहिता की धाराओं का खौफ
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि अब मामला सिर्फ मानहानि तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने नए कानूनों का हवाला देते हुए कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चुनाव परिणामों को प्रभावित करना गंभीर अपराध है, जिसमें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। रिंकी भुइयां सरमा ने पहले ही इस मामले में एफआईआर दर्ज करा दी है और मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि पवन खेड़ा को इन ‘झूठे’ आरोपों के लिए अदालत में जवाब देना होगा।
असम का सियासी गणित और प्रतिद्वंद्विता
इस चुनावी समर में जहाँ भाजपा विकास और शांति के मुद्दे पर 126 सीटों पर जीत का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस ने भ्रष्टाचार को मुख्य हथियार बनाया है। राहुल गांधी पहले ही सीएम सरमा को ‘देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री’ कह चुके हैं। अब वोटिंग से ठीक पहले विदेशी संपत्ति के इन आरोपों ने असम के 2.50 करोड़ मतदाताओं के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।

क्या ये आरोप भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगाएंगे या ‘पाकिस्तानी एंगल’ का दांव हिमंत को सहानुभूति दिलाएगा, इसका फैसला 4 मई को नतीजों के साथ होगा।










