मुर्शिदाबाद, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनावी बिगुल फूंकते हुए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की सुरक्षा और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार को मुर्शिदाबाद में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए टीएमसी सुप्रीमो ने अपने समर्थकों और बूथ एजेंटों को स्पष्ट चेतावनी दी कि वे किसी भी कीमत पर मशीनों को अपनी आंखों से ओझल न होने दें।
ममता बनर्जी ने तीखे लहजे में कहा कि उन्हें विपक्षी खेमे की ‘योजना’ की पूरी जानकारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान संपन्न होने के बाद सीआरपीएफ (CRPF) और अन्य केंद्रीय बलों की निगरानी का फायदा उठाकर मशीनों को बदला जा सकता है। ममता ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ईवीएम की गहन जांच करें और सुनिश्चित करें कि तकनीकी स्तर पर कोई भी हैकिंग की गुंजाइश न रहे।
दीदी ने मतदाता सूची में हुए बदलावों को ‘नागरिकों को डराने की साजिश’ करार दिया। फिलहाल पश्चिम बंगाल में विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (SIR) की प्रक्रिया चल रही है, जिसके बाद राज्य में मतदाताओं का आंकड़ा 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ पर आ गया है। यानी करीब 61 लाख से ज्यादा नामों को सूची से हटाया या संशोधित किया गया है।
ममता ने दावा किया कि यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इसके जरिए प्रशासनिक कामकाज को ठप करने की कोशिश की जा रही है क्योंकि राज्य के करीब 500 अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है।
राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो इस बार ममता बनर्जी अपनी परंपरागत भवानीपुर सीट पर भाजपा के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ ताल ठोक रही हैं। साल 2011 से इस सीट पर काबिज ममता के लिए चौथी बार जीत हासिल करना एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है, क्योंकि शुभेंदु अधिकारी ने इस क्षेत्र में अपनी आक्रामक पैठ बनाई है।
अपनी चुनावी रणनीति को धार देते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगामी कार्यकाल में किसानों के लिए एक अलग ‘कृषि बजट’ पेश किया जाएगा, ताकि कृषि समुदाय को सीधे और प्रभावी तरीके से आर्थिक सहायता प्रदान की जा सके। यह कदम पंजाब और तमिलनाडु जैसे राज्यों की तर्ज पर बंगाल में किसानों को साधने की एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है।

चुनाव आयोग के शेड्यूल के मुताबिक, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में मतदान होना है। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को होगी, जबकि दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। तब तक ममता बनर्जी ने अपने कैडर को ‘अलर्ट मोड’ पर रहने का निर्देश दिया है।











