नई दिल्ली, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। आम आदमी पार्टी के भीतर चल रही वर्चस्व की जंग अब सोशल मीडिया के जरिए सरेआम हो गई है। राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक धमाकेदार वीडियो जारी कर सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है।
इस वीडियो के जरिए उन्होंने साफ कर दिया है कि उन्हें कमजोर आंकने की गलती न की जाए, क्योंकि यह तो महज एक ‘ट्रेलर’ है और ‘पिक्चर’ अभी बाकी है।
चड्ढा का यह पलटवार सीधे तौर पर पार्टी के उन वरिष्ठ नेताओं के लिए माना जा रहा है, जिन्होंने हाल ही में उन पर संसद में पंजाब के ज्वलंत मुद्दे न उठाने का गंभीर आरोप जड़ा था। राघव ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उनके कुछ साथियों को दबाव में आकर उनके खिलाफ बयानबाजी करनी पड़ी। अब चड्ढा ने अपने संसदीय कार्यों का लेखा-जोखा पेश कर इन आरोपों की हवा निकाल दी है।
भावुक होते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि पंजाब उनके लिए कोई चुनावी बिसात या राजनीतिक एजेंडा नहीं, बल्कि उनका घर और मिट्टी है। उन्होंने अपनी निष्ठा पर सवाल उठाने वालों को याद दिलाया कि पंजाब उनके खून में है। चड्ढा ने राज्यसभा में श्री करतारपुर साहिब, श्री पंजा साहिब और श्री ननकाना साहिब के लिए विशेष कॉरिडोर की मांग का मुद्दा एक बार फिर जनता के सामने रखा।
वीडियो में चड्ढा ने खेती-किसानी के संकट पर विस्तार से बात की। उन्होंने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने और किसानों को एमएसपी (MSP) की कानूनी गारंटी देने की अपनी पुरानी मांग को फिर से हवा दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फसलों के लिए ‘मिनिमम रिजर्व प्राइस’ तय करना समय की मांग है और इसके बिना किसान का भला नहीं हो सकता।
पंजाब की भौगोलिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए राघव ने बताया कि राज्य का भूजल स्तर 500 से 600 फीट तक नीचे चला गया है, जो एक पर्यावरणीय आपातकाल है। उन्होंने भटिंडा से बीकानेर जाने वाली उस ट्रेन का भी मार्मिक जिक्र किया, जिसे अब ‘कैंसर ट्रेन’ के रूप में जाना जाता है। चड्ढा के अनुसार, यह ट्रेन पंजाब की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और कैंसर के बढ़ते प्रकोप का जीवंत प्रमाण है।

प्रदूषण के मुद्दे पर किसानों को निशाना बनाए जाने का विरोध करते हुए राघव ने इसे पूरे उत्तर भारत की साझा समस्या बताया। उन्होंने केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पंजाब के ग्रामीण विकास फंड (RDF), मंडी डेवलपमेंट फंड और नेशनल हेल्थ मिशन के हजारों करोड़ रुपये रोककर राज्य के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
अपनी मांगों की सूची में उन्होंने शहीद-ए-आजम भगत सिंह को ‘भारत रत्न’ देने, महाराजा रणजीत सिंह के शाही सिंहासन को ब्रिटेन से वापस लाने और आनंदपुर साहिब को ‘हेरिटेज सिटी’ का दर्जा देने की बात कही। राघव ने अंत में तंज कसते हुए कहा कि पंजाब किसी के आगे हाथ नहीं फैला रहा, बल्कि अपना हक और न्याय मांग रहा है। पार्टी के भीतर मचे इस घमासान के बीच चड्ढा का यह आक्रामक रुख आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक उलटफेर का संकेत दे रहा है।









