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Rahul Gandhi के ‘झूठ’ का पर्दाफाश? गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में खोल दी विपक्ष के दावों की पोल

गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का कड़ा जवाब देते हुए राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। शाह ने आंकड़ों के साथ सिद्ध किया कि विपक्ष को उनकी संख्या के मुकाबले कहीं अधिक समय दिया गया, लेकिन नेता प्रतिपक्ष अक्सर महत्वपूर्ण मौकों पर विदेश में रहते हैं।

Rahul Gandhi के 'झूठ' का पर्दाफाश? गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में खोल दी विपक्ष के दावों की पोल

HIGHLIGHTS

  • अमित शाह ने राहुल गांधी की संसद में कम उपस्थिति (औसत से काफी नीचे) और महत्वपूर्ण बिलों पर उनकी अनुपस्थिति का डेटा पेश किया।
  • ओम बिरला को भारतीय इतिहास का एकमात्र ऐसा अध्यक्ष बताया जिन्होंने अविश्वास प्रस्ताव आने पर नैतिक आधार पर तुरंत कुर्सी छोड़ दी थी।
  • शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस भाजपा विरोध के नाम पर अब 'भारत विरोधी' रुख अपना रही है और सदन की गरिमा को ठेस पहुंचा रही है।

नई दिल्ली। लोकसभा में आज उस समय तीखी बहस देखने को मिली जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दिया। शाह ने सीधे तौर पर नेता प्रतिपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की यह प्रवृत्ति अब पूरी तरह एक्सपोज हो चुकी है कि वे समय दिए जाने पर नहीं बोलते और बाहर जाकर शिकायत करते हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया।

राहुल गांधी की अनुपस्थिति और विदेशी दौरों पर प्रहार

गृह मंत्री ने सदन में डेटा रखते हुए बताया कि जब भी संसद में बजट सत्र या महत्वपूर्ण चर्चाएं होती हैं, नेता प्रतिपक्ष विदेश यात्राओं पर होते हैं। शाह ने चुटकी लेते हुए कहा कि राहुल गांधी कभी जर्मनी, कभी वियतनाम तो कभी इंग्लैंड में रहते हैं और अब विदेशों से उन्हें संसद की कार्यवाही में भाग लेने के लिए अलग से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि धारा 370, तीन तलाक और CAA जैसे ऐतिहासिक फैसलों के दौरान भी राहुल गांधी सदन से गायब थे।

आंकड़ों में विपक्ष का ‘विशेषाधिकार’ बनाम हकीकत

अमित शाह ने स्पष्ट किया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष को उनकी संख्या के अनुपात में भाजपा से छह गुना अधिक बोलने का अवसर दिया है। 18वीं लोकसभा में विपक्ष को अब तक 71 घंटे का समय मिला है, जबकि उनके पास केवल 99 सदस्य हैं। शाह ने तंज कसा कि संसद चलाने के अपने नियम होते हैं और यह कोई ‘मेला’ नहीं है जहां कोई भी कैसे भी बोल ले। उन्होंने सदन की गरिमा बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि जो लोग नियमों का पालन नहीं करना चाहते, वही भेदभाव का आरोप लगाते हैं।

ओम बिरला की नैतिकता और संसदीय इतिहास

अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करने की अपील करते हुए शाह ने कहा कि पिछले 40 वर्षों में यह पहली बार है जब स्पीकर के खिलाफ ऐसा प्रस्ताव लाया गया है। उन्होंने पूर्व अध्यक्षों जी.वी. मावलंकर और बलराम जाखड़ का उदाहरण देते हुए बताया कि अतीत में अविश्वास प्रस्ताव आने पर भी अध्यक्षों ने 14 दिनों तक अध्यक्षता की थी, लेकिन ओम बिरला ने नैतिक आधार पर प्रस्ताव नामित होते ही आसन से दूरी बना ली। उन्होंने विपक्ष के व्यवहार को ‘इमरजेंसी’ वाली सोच करार दिया।

चीन और नेहरू की नीतियों पर घेरा

चर्चा के दौरान अमित शाह ने नेहरू सरकार की नीतियों को संयुक्त राष्ट्र में चीन की मजबूती का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने राजीव गांधी फाउंडेशन द्वारा चीन से धन लेने और अक्साई चीन पर 1962 के कब्जे का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर ‘भारत विरोधी’ होने का आरोप लगाया। शाह ने अंत में सदन से आग्रह किया कि इस अविश्वास प्रस्ताव को भारी बहुमत से खारिज कर स्पीकर पद की गरिमा को सुरक्षित किया जाए।


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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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