गुरुग्राम, 07 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। मेदांता – द मेडिसिटी ने न्यूरोलॉजिकल विकारों (तंत्रिका संबंधी रोगों) के उपचार में अपनी विशेषज्ञता बढ़ाते हुए उन्नत ‘डीप ब्रेन स्टिमुलेशन’ (DBS) सर्जरी को नए आयाम दिए हैं। ‘ब्रेन पेसमेकर’ के नाम से चर्चित यह प्रक्रिया उन मरीजों के लिए जीवनदायी साबित हो रही है, जिन पर लंबे समय से चल रही दवाएं अब असर नहीं कर पा रही हैं।
न्यूजवीक द्वारा 2026 में भारत के श्रेष्ठतम अस्पताल का सम्मान प्राप्त करने वाले मेदांता गुरुग्राम में यह उपचार आधुनिक तकनीक और व्यक्तिगत देखभाल के समन्वय से किया जा रहा है। भारत में कुल रोग भार का लगभग 10% हिस्सा न्यूरोलॉजिकल विकारों का है, जिसे देखते हुए इस तकनीक की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
तकनीक और सटीकता पर जोर
मेदांता गुरुग्राम के न्यूरोसाइंसेज संस्थान में न्यूरोसर्जरी के डायरेक्टर डॉ. अनिर्बन दीप बनर्जी के अनुसार, इस सर्जरी की सफलता पूरी तरह से इसकी सटीकता पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में ‘डायरेक्शनल लीड्स’ और ‘रियल-टाइम ब्रेन-सेंसिंग’ जैसे नवाचारों का उपयोग किया जा रहा है। यह तकनीक मस्तिष्क के भीतर उन बायोमार्कर फीडबैक को समझती है, जिससे मरीज के लक्षणों के अनुसार स्टिमुलेशन (उत्तेजना) को घटाया या बढ़ाया जा सके।
इन बीमारियों में कारगर है यह सर्जरी
ब्रेन पेसमेकर का उपयोग केवल पार्किंसंस तक सीमित नहीं है। अस्पताल के अनुसार, यह उन्नत चरण के पार्किंसंस रोग, डिस्टोनिया, अडल्ट ऑनसेट रिफ्रैक्टरी मिर्गी (मिर्गी जो दवाओं से ठीक न हो), हाथ-पैरों में होने वाली गंभीर कंपकंपी और गंभीर जुनूनी-बाध्यकारी विकार (OCD) के इलाज में प्रभावी है।

डॉक्टर का परामर्श और भविष्य
डॉ. अनिर्बन दीप बनर्जी ने कहा, “DBS न्यूरोलॉजिकल स्थितियों से जुड़े लक्षणों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित कर सकता है, जिससे मरीजों को अपने शरीर और दैनिक जीवन पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने में मदद मिलती है। मेदांता में हमारा उद्देश्य उन मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है जिनके लिए पारंपरिक उपचार अब पर्याप्त नहीं रह गए हैं।”








