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क्या 2029 से ही लागू होगा महिला आरक्षण? असम की रैली में पीएम मोदी ने दिए बड़े संकेत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' और समान नागरिक संहिता (UCC) को पार्टी का अगला बड़ा लक्ष्य घोषित किया है। साथ ही असम में चुनावी रैली के दौरान उन्होंने 2029 से ही महिला आरक्षण लागू करने के संकेतों के साथ बड़े मास्टरप्लान का खुलासा किया।

Published On: April 6, 2026 2:17 PM
क्या 2029 से ही लागू होगा महिला आरक्षण? असम की रैली में पीएम मोदी ने दिए बड़े संकेत

HIGHLIGHTS

  • UCC और 'वन नेशन-वन इलेक्शन' पर फोकस: पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि इन दोनों मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा और काम जारी है।
  • महिला आरक्षण का नया टाइमलाइन: 2034 की जगह अब 2029 के आम चुनाव से ही महिलाओं को 33% आरक्षण देने की तैयारी की जा रही है।
  • संसद का विशेष सत्र: अप्रैल में तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को मंजूरी दी जा सकती है।

नई दिल्ली/गुवाहाटी, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के कार्यकर्ताओं को वर्चुअली संबोधित करते हुए भविष्य की राजनीति की दिशा तय कर दी है। पीएम मोदी ने साफ लहजे में कहा कि भाजपा ने धारा 370 हटाने और राम मंदिर निर्माण जैसे अपने कोर वादे पूरे कर दिए हैं, लेकिन अब ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) और ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ (One Nation One Election) पार्टी के संकल्प पत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

पीएम मोदी ने अपनी सरकार के रिपोर्ट कार्ड को जनता के सामने रखते हुए अंग्रेजों के जमाने के सैकड़ों पुराने कानूनों को खत्म करने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 10 फीसदी आर्थिक आरक्षण, तीन तलाक पर बैन और नए संसद भवन का निर्माण भाजपा की कार्यक्षमता का प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि भाजपा इकलौती ऐसी पार्टी है जो दल को ‘मां’ मानती है और निस्वार्थ भाव से ‘विकसित भारत’ के निर्माण में जुटी है।

असम की धरती से महिला आरक्षण पर बड़ा मास्टरस्ट्रोक

स्थापना दिवस संबोधन के ठीक बाद प्रधानमंत्री असम के चुनावी रण में पहुंचे, जहां उन्होंने तीन बड़ी रैलियों को संबोधित किया। वहां पीएम मोदी ने महिला वोटर्स को साधते हुए एक बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से ही महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

सरकारी सूत्रों के हवाले से यह खबर पुख्ता हो रही है कि अप्रैल महीने में ही संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण कानून में संशोधन करना होगा। पहले इस आरक्षण को 2034 से लागू करने की योजना थी, लेकिन अब सरकार इसे 2029 में ही जमीन पर उतारना चाहती है।

सीटों की संख्या में होगा 50 फीसदी का इजाफा

इस बड़े बदलाव के पीछे एक गणितीय फॉर्मूला भी काम कर रहा है। जानकारी के अनुसार, देश में लोकसभा और विधानसभा सीटों की कुल संख्या में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा सकती है। इसके बाद बढ़ी हुई कुल सीटों में से 33 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाएगा।

खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए साल 2011 की जनगणना को ही आधार बनाया जाएगा। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही सीटों का नया परिसीमन (Delimitation) होगा, जिससे दक्षिण भारतीय राज्यों और उत्तर भारतीय राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन भी बना रहे। पीएम मोदी ने असम की महिलाओं से अपील की कि वे हर राजनीतिक दल पर दबाव बनाएं ताकि यह विधेयक बिना किसी रुकावट के पास हो सके।

50 साल की भाजपा और तकनीकी बदलाव

पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि भाजपा जल्द ही अपने अस्तित्व के 50 साल पूरे करने जा रही है। उन्होंने कहा कि यह मील का पत्थर हमें नए लक्ष्यों के प्रति ऊर्जा देता है। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि बदलती वैश्विक तकनीक और डिजिटल युग के अनुसार कार्यकर्ताओं को खुद को ढालना होगा ताकि 2047 तक ‘विकसित भारत’ का सपना सच हो सके।


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Amit Gawri

अमित गावरी 'दून हॉराइज़न' में राष्ट्रीय समाचार लेखक के रूप में देश भर की ब्रेकिंग न्यूज़ और महत्वपूर्ण घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं। चुनाव, सरकारी योजनाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर उनकी खास विशेषज्ञता है। अमित हमेशा तथ्यों की गहराई में जाकर रिपोर्टिंग करते हैं, ताकि पाठकों को किसी भी खबर का हर पहलू स्पष्ट रूप से समझ आ सके। क्लिकबेट से दूर रहकर, वे अपनी खबरों में सटीकता और विश्वसनीयता (Trust) बनाए रखते हैं। उनका जर्नलिस्टिक अप्रोच हमेशा जनसरोकार और सटीक सूचना देने पर ही केंद्रित रहता है।

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